शिमला,
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बेसहारा गौवंश की समस्या के समाधान और किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में गोपाल योजना के तहत 14.68 करोड़ रुपये वितरित किए हैं।
किसानों को राहत, फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित
बेसहारा पशुओं के कारण फसलों को हो रहे नुकसान को देखते हुए सरकार ने यह पहल की है। पहले किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता था, जिससे कई स्थानों पर खेती तक छोड़नी पड़ रही थी। अब इस योजना से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
गौशालाओं को बढ़ी हुई आर्थिक सहायता
सरकार ने पंजीकृत गौशालाओं और गौ अभ्यारण्यों को मिलने वाली सहायता में बढ़ोतरी की है।
अब प्रति गाय 700 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये मासिक अनुदान दिया जा रहा है, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू है। यह सहायता हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग के माध्यम से वितरित की जा रही है।
पुनर्वास से खेती को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि बेसहारा गौवंश के उचित पुनर्वास से न केवल किसानों की समस्याएं कम होंगी, बल्कि वे दोबारा खेती की ओर प्रेरित होंगे। साथ ही सड़कों पर घूमने वाले पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
बजट 2026-27 में नए प्रावधान
राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में गौवंश पुनर्वास के लिए नए प्रावधान भी किए हैं। इसके तहत गौ अभ्यारण्यों और बड़े गौसदनों की स्थापना को बढ़ावा दिया जा रहा है।
निजी संस्थाओं को भी मिलेगा मौका
सरकार ने प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों और उद्योग समूहों को गौसदन या गौ अभ्यारण्य गोद लेने की अनुमति देने का निर्णय लिया है, जिससे बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरडीजी बंद होने के बावजूद किसानों और बागवानों को मिलने वाली सहायता में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।