सैंज घाटी में ईमानदारी की मिसाल: दिनेश और गुंजन ने लौटाया खोया मोबाइल व 12 हजार नकद

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सैंज,

आज के समय में जब ईमानदारी की मिसालें कम देखने को मिलती हैं, वहीं सैंज घाटी के दो युवाओं ने नेकदिली और नैतिक मूल्यों को जीवित रखते हुए समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।

सुचैहण पंचायत के रोपा गांव निवासी दिनेश कुमार और शैंशर पंचायत के मनाहरा गांव की गुंजन ने रास्ते में मिले एक व्यक्ति के खोए हुए 12 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन को ईमानदारी से पुलिस के हवाले कर दिया।

घटना शनिवार शाम की है। रैला-दो पंचायत के भूपन गांव निवासी डावे राम राणा बाजार से अपने घर लौट रहे थे। टैक्सी स्टैंड से बोदली माता की ओर पैदल जाते समय अनजाने में उनकी जेब से ₹12,000 की नकद राशि और मोबाइल फोन गिर गया। लगभग तीन किलोमीटर आगे पहुंचने पर जब उन्हें इसका पता चला तो वे घबरा गए और तुरंत वापस लौटकर रास्ते में लोगों से पूछताछ करने लगे।

इसी दौरान रोपा गांव के दिनेश कुमार और मनाहरा गांव की गुंजन को रिवर टच के पास सड़क किनारे नकद राशि और मोबाइल फोन पड़े मिले। काफी देर तक मालिक का इंतजार करने के बाद भी जब कोई नहीं मिला, तो दोनों युवाओं ने बिना किसी लालच के पूरी ईमानदारी दिखाते हुए यह सामान पुलिस थाना सैंज में जमा करवा दिया।

पुलिस थाना सैंज में औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद खोया हुआ मोबाइल और नकद राशि उसके असली मालिक डावे राम राणा को सौंप दी गई। अपना सामान वापस पाकर डावे राम राणा ने राहत की सांस ली और दिनेश व गुंजन का दिल से आभार जताया।

इस सराहनीय कार्य के लिए सैंज घाटी में दोनों युवाओं की जमकर प्रशंसा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनेश और गुंजन जैसे युवा समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनकी ईमानदारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत संदेश देती है।

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