धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने बुधवार को मण्डलीय आयुक्त कार्यालय धर्मशाला में जिला स्तरीय विशेष अदालत का आयोजन किया। इस विशेष अदालत में महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई।
महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी, सदस्य सरोज शर्मा, रीना पुंडीर और रीना दरोच ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। सुनवाई के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
अध्यक्षा विद्या नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल 28 मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था, जिनमें से 15 मामलों की सुनवाई की गई। इनमें 12 मामलों का मौके पर निपटारा कर दिया गया, जबकि 3 मामलों में दोनों पक्षों की उपस्थिति में प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आयोग समय-समय पर विभिन्न जिलों में विशेष अदालतों का आयोजन कर महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में वे बिना संकोच आयोग से संपर्क करें।
इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्या सचिव बुशरा अंसारी, लॉ ऑफिसर यशपाल शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीर बहादुर, महिला थाना धर्मशाला की सब-इंस्पेक्टर रजनी, हेड कांस्टेबल आशा, निजी सचिव दिलीप सिंह और राधिका सूद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।