शिमला।
हिमाचल सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का भारतीय जनता पार्टी ने बहिष्कार कर दिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी नाकामियों का ठीकरा केंद्र और पूर्व सरकारों पर फोड़ना चाहते हैं।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के दौरान गुमराह करने वाले आंकड़े पेश किए गए और पूरी बैठक राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित थी। इसी कारण भाजपा प्रतिनिधिमंडल बीच बैठक से बाहर चला गया।
उन्होंने कहा कि 12वें वित्त आयोग से ही राजस्व घाटा अनुदान कम करने की चर्चा होती रही है। 13वें वित्त आयोग में हिमाचल को लगभग 7800 करोड़ रुपये मिले, जबकि 14वें वित्त आयोग में यह राशि 40,000 करोड़ रुपये से अधिक रही। 15वें वित्त आयोग ने भी इसे चरणबद्ध तरीके से कम करने की सिफारिश की।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि 16वें वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश सरकार ने मजबूत पक्ष रखने के बजाय केंद्र सरकार को कोसने का काम किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल को आर्थिक सहयोग दे रही है और टैक्स डेवोल्यूशन में करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी से अगले वित्तीय वर्ष में लगभग 2300 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल शक्ति मिशन और सड़क परिवहन सहित कई केंद्रीय योजनाओं से प्रदेश को लाभ मिल रहा है, लेकिन राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी समय पर नहीं दे पा रही, जिससे परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार 31 मई तक चुनाव कराए जाने का भाजपा स्वागत करती है।