मुंबई: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने गणेशोत्सव के अवसर पर मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचकर भगवान श्री गणेश के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता और उनके परिजन भी मौजूद रहे।
राज्यपाल ने भगवान श्री गणेश की पूजा कर देश और हिमाचल प्रदेश में शांति, प्रगति एवं सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने गणेशोत्सव को भारत की आध्यात्मिक विरासत, आस्था और सांस्कृतिक एकता से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पर्व बताया।
सामाजिक समरसता और एकता का संदेश देता है गणेशोत्सव
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि गणेशोत्सव देश की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत करता है। यह पर्व भक्ति और आस्था के साथ सामाजिक समरसता तथा सामूहिक सहभागिता की भावना को भी मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव सामाजिक और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों को एक साथ जोड़ने का कार्य करता है। इस पर्व के माध्यम से आपसी एकता, भाईचारे और सौहार्द की भावना को बढ़ावा मिलता है।
लालबागचा राजा मुंबई की आस्था का प्रमुख केंद्र
राज्यपाल ने कहा कि लालबागचा राजा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है और भक्तों के हृदय में इसका विशेष स्थान है। पिछले कई दशकों में लालबागचा राजा मुंबई की गहरी धार्मिक आस्था और व्यापक जनभागीदारी के प्रमुख प्रतीक के रूप में स्थापित हुआ है।
उन्होंने गणेशोत्सव के दौरान यहां उमड़ने वाली श्रद्धा और सामूहिक सहभागिता को भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का उदाहरण बताया।
देशवासियों को दी गणेशोत्सव की शुभकामनाएं
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने गणेशोत्सव के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश सहित देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्री गणेश से देश में शांति, प्रगति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।
उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने के साथ समाज में आपसी सद्भाव और एकजुटता की भावना को भी मजबूत करते हैं।