राज्यपाल ने आधुनिक ज्ञान के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर दिया जोर, युवाओं को बताया विकसित भारत की ताकत

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डलहौजी,

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने युवा पीढ़ी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक ज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए शिक्षा में नवाचार, कौशल और तकनीकी समझ के साथ नैतिकता एवं मानवीय मूल्यों का समावेश जरूरी है।

राज्यपाल ने यह बात डलहौजी हिलटॉप स्कूल के वार्षिक समारोह ‘विरासत-2026’ को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि विरासत केवल पीढ़ियों से प्राप्त ज्ञान और परंपराओं का नाम नहीं है, बल्कि वर्तमान पीढ़ी के विचारों और कार्यों से होने वाला सकारात्मक परिवर्तन भी इसका हिस्सा है।

शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक हासिल करना नहीं

कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक रूप से सक्षम बनाना नहीं, बल्कि उनमें आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, व्यावहारिक ज्ञान, समस्या समाधान की क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी भी विकसित करना होना चाहिए।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह नीति नवाचार, कौशल विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण रूपरेखा प्रदान करती है।

AI और रोबोटिक्स से खुल रहे अवसरों के नए द्वार

राज्यपाल ने तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, STEM शिक्षा और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों के सामने अवसरों के नए रास्ते खोल रहे हैं। हिमाचल जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी भी इन तकनीकों का लाभ उठा रहे हैं।

उन्होंने युवाओं से तकनीकी ज्ञान हासिल करने के साथ-साथ उसमें विवेक, नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं को भी शामिल करने का आह्वान किया।

विकसित भारत-2047 में युवाओं की अहम भूमिका

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं का ज्ञानवान, नवाचारी, आत्मनिर्भर, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति समर्पित होना आवश्यक है।

उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत तथा समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की सफलता का मूल्यांकन केवल उसके अंकों या पद से नहीं, बल्कि उसके चरित्र, आचरण और समाज के प्रति योगदान से किया जाना चाहिए।

हिमालयी पर्यावरण के जिम्मेदार संरक्षक बनें विद्यार्थी

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमालयी पर्यावरण की रक्षा के लिए युवाओं को सतत जीवनशैली अपनानी होगी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनना होगा।

उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक कौशल एवं ज्ञान अर्जित करने तथा विकसित भारत-2047 के निर्माण में सार्थक योगदान देने का आह्वान किया।

शत-प्रतिशत परिणाम पर स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों को बधाई

राज्यपाल ने सीबीएसई कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम हासिल करने पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर निवासी अक्षत कुमार को कक्षा 12वीं में 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर चंबा जिले में प्रथम स्थान हासिल करने पर बधाई दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अक्षत कुमार और लद्दाख निवासी अली अकबर को सम्मानित भी किया गया।

राज्यपाल ने विद्यालय के संस्थापक आई.एम. धवन के योगदान को याद किया तथा प्रबंध निदेशक डॉ. सुधीर धवन और चेयरपर्सन डॉ. पूनम राय धवन द्वारा युवा प्रतिभाओं को निखारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

डॉ. पूनम राय धवन ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें संस्थान के इतिहास के साथ शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का विवरण दिया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।

राज्यपाल ने वार्षिक समारोह के सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री आशा कुमारी, भारतीय सेना एवं भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी, उप-मंडलाधिकारी अनिल भारद्वाज, डीएसपी मयंक शर्मा, रंजन शर्मा, पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन ठाकुर, डलहौजी पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष डॉ. कैप्टन जी.एस. ढिल्लों, विद्यार्थियों के अभिभावक तथा क्षेत्र के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।