विधायक निधि रोकने को लेकर भाजपा का सरकार पर हमला, राज्यपाल से की हस्तक्षेप की मांग

Himachal News

शिमला:
हिमाचल प्रदेश में विधायक निधि को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। भाजपा विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बुधवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात कर कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज करवाया। इस दौरान विधायक क्षेत्र विकास निधि, ऐच्छिक निधि और विपक्षी विधायकों की विकास योजनाओं को लंबित रखने को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया।

भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल को बताया कि अक्तूबर 2025 के बाद से प्रदेश सरकार ने विधायक क्षेत्र विकास निधि जारी नहीं की है, जिससे विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। विधायकों ने कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करना मुश्किल हो गया है और जनप्रतिनिधियों को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में कहा गया कि हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे समय में विकास और पुनर्निर्माण के लिए विधायक निधि बेहद जरूरी थी, लेकिन बजट में प्रावधान होने के बावजूद सरकार ने केवल आंशिक राशि जारी कर शेष निधि रोक दी। इससे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य बाधित हुए हैं।

भाजपा विधायक दल ने यह भी आरोप लगाया कि विधायकों की ऐच्छिक निधि समय पर जारी न होने से गरीब, बीमार और जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता देने में परेशानी हो रही है। इससे जनप्रतिनिधियों की सामाजिक भूमिका और विश्वास दोनों पर असर पड़ा है।

ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में वर्षों से परंपरा रही है कि सभी विधायकों से विकास की प्राथमिकताएं लेकर योजनाएं बनाई जाती हैं, लेकिन मौजूदा सरकार में विपक्षी विधायकों की प्राथमिकताओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी क्षेत्रों की योजनाओं के लिए न तो डीपीआर बनाई जा रही है और न ही उन्हें नाबार्ड को स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। कई मामलों में जहां डीपीआर तैयार हो चुकी है, वहां भी फाइलों को जानबूझकर आगे नहीं बढ़ाया जा रहा।

जयराम ठाकुर ने कहा कि यह रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों और समान विकास की अवधारणा के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि विधायक निधि की केवल दो किश्तें जारी की गई हैं, जबकि शेष राशि रोकी गई है। कई स्थानों पर स्वीकृति मिलने के बावजूद ट्रेजरी स्तर पर भुगतान अटका हुआ है।

भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर सरकार को निर्देश दें कि विधायक क्षेत्र विकास निधि और ऐच्छिक निधि तुरंत जारी की जाए तथा विपक्षी विधायकों की विकास योजनाओं को भी समान रूप से स्वीकृति देकर नाबार्ड को भेजा जाए, ताकि प्रदेश में संतुलित और निष्पक्ष विकास सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर भाजपा विधायक दल के अनेक विधायक मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती रहेगी।

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