जनगणना-2027 होगी देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना, शिमला में प्रशिक्षण शुरू मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल से होगा डाटा संग्रह, मई-जून में पहला चरण

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शिमला,

भारत की आगामी जनगणना-2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। यह जानकारी जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक दीप शिखा शर्मा ने बचत भवन में आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर दी।

यह प्रशिक्षण 1 से 3 मार्च और 5 से 7 मार्च 2026 तक दो बैचों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जिला शिमला के अधिकारी और कर्मचारी भाग ले रहे हैं।

मोबाइल ऐप और पोर्टल से होगा पूरा काम

उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 में डाटा संग्रहण मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी, त्वरित और अधिक प्रभावी बनेगी। नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा भी दी जाएगी। निर्धारित तिथि से 15 दिन पहले पोर्टल सक्रिय होगा, जहां लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें स्व-गणना आईडी मिलेगी, जिसका सत्यापन प्रगणक करेंगे।

दो चरणों में होगी जनगणना

जनगणना दो चरणों में आयोजित होगी—

  • प्रथम चरण (एचएलओ): हिमाचल प्रदेश में 12 मई से 11 जून 2026 तक
  • द्वितीय चरण: फरवरी 2027 में
    जबकि हिमाच्छादित क्षेत्रों में यह कार्य सितंबर 2026 में ही पूरा कर लिया जाएगा।

मैदान स्तर पर प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल ऐप के माध्यम से डाटा संकलन करेंगे, जबकि मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन वेब पोर्टल से किया जाएगा। प्रबंधन और निगरानी भी डिजिटल प्रणाली से होगी।

राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है जनगणना

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। यह प्रशासनिक विश्वसनीयता और पारदर्शिता की परीक्षा भी है, इसलिए सभी अधिकारी तय मानकों के अनुसार जिम्मेदारी से कार्य करें।

भारत की जनगणना देश के लोगों की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय विशेषताओं का सबसे बड़ा सांख्यिकीय स्रोत है। वर्ष 2011 के बाद अब होने वाली यह जनगणना 1872 से 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी।

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