हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के नव-नियुक्त अध्यक्ष मंडी और सुंदरनगर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान प्रधानमंत्री ने मंडी के लिए 1500 करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया था, लेकिन “राज्य को आज तक उसके 15 रुपये भी नहीं मिले।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ बयानबाज़ी कर रही है, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने सीमित संसाधनों में भी आपदा प्रभावितों के लिए धरातल पर उत्कृष्ट कार्य किया है।
केंद्र पर बड़ा सवाल— पैकेज कहां गया?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मंडी जिला आपदा से सबसे ज़्यादा प्रभावित रहा, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक कोई वास्तविक सहायता नहीं दी। उन्होंने कहा कि “जनता सब देख रही है, और समय आने पर जवाब देगी।”
तीन महीने में बूथ स्तर तक तैयार होगी नई संगठनात्मक टीम
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत किया जाएगा।
“अगले तीन महीनों में प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक नई संगठनात्मक टीम खड़ी कर दी जाएगी,” उन्होंने कहा।
उन्होंने स्वीकार किया कि अध्यक्ष पद जिम्मेदारी से भरा हुआ है और अब उनकी भूमिका पिछले कार्यकारी अध्यक्ष पद से कहीं अधिक बड़ी है।
मंडी के 1-9 समीकरण को बदलने की नई रणनीति
मंडी में पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस 1-9 के आंकड़े पर सीमित रह गई थी। उन्होंने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि आपसी मतभेदों के कारण पार्टी को नुकसान हुआ।
उन्होंने कहा कि अब मंडी सहित पूरे प्रदेश में कोई मतभेद, गुटबाज़ी या असहमति नहीं होने दी जाएगी, और सभी नेता एकजुट होकर काम करेंगे।
11 दिसंबर का सम्मेलन— जुटेंगे 25 हजार कार्यकर्ता
कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि 11 दिसंबर को मंडी में आयोजित होने वाले कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए भारी उत्साह है और इस कार्यक्रम में 20 से 25 हजार कार्यकर्ताओं के जुटने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन संगठन को नई दिशा देगा और आगामी चुनावों के लिए ऊर्जा प्रदान करेगा।