शिमला।
देश के प्रथम गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को शिमला में एकता यात्रा निकाली गई। इस यात्रा की अगुवाई सांसद सुरेश कश्यप ने की, जो संजौली बाज़ार से माल रोड तक आयोजित हुई। यात्रा में पूर्व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, पूर्व सांसद सुरेश चंदेल सहित बड़ी संख्या में युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
सांसद कश्यप ने बताया कि भाजपा द्वारा सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर में 25 अक्टूबर से 6 दिसंबर तक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि एकता दिवस 31 अक्टूबर को राष्ट्रभर में मनाया गया और उसी का विस्तार है ये यात्राएं, जिनका उद्देश्य सरदार पटेल के राष्ट्र-निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के प्रयासों से 565 में से 562 रियासतों का शांतिपूर्वक विलय हुआ और अंततः सभी रियासतें भारत माता का अभिन्न हिस्सा बनीं।
“जिस प्रकार सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोया, हमारा संकल्प है कि भारत इसी एकता के मार्ग पर आगे बढ़े और 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में विश्व गुरु बने,” —सुरेश कश्यप
सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विश्व की चौथी सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि देश अब विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है।
हिमाचल के हिस्से पर बोले सांसद— “प्रदेश को उसका हक मिलना चाहिए”
विभिन्न राष्ट्रीय परियोजनाओं में हिमाचल के हिस्से को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद कश्यप ने स्पष्ट कहा कि हिमाचल को उसका पूर्ण अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा:
“जब तीन राज्यों का गठन हुआ था, तब जनसंख्या अनुपात के अनुसार जो हिस्सा हिमाचल को तय हुआ था, वह उसे अवश्य मिलना चाहिए। हिमाचल का हक स्पष्ट है और प्रदेश को उसका अधिकार मिलना ही चाहिए।”
सांसद ने दोहराया कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से ही प्रदेश का विकास संभव है और हिमाचल को उसके हिस्से का न्याय मिलना आवश्यक है।