शिमला,
प्रदेश में डिजिटल शासन को अधिक सरल और उपयोगकर्ता-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से डिजिटल टेक्नोलॉजीज़ एंड गवर्नेंस विभाग (DDT&G) ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से आईटी भवन में “यूज़र एक्सपीरियंस (UX) एवं डिज़ाइन सिस्टम” विषय पर जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला आयोजित की। यह राज्य में इस तरह की दूसरी कार्यशाला रही, जिसका उद्देश्य डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता और सुगमता बढ़ाना है।
ग्राम स्तर तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सचिव (DT&G) एवं निदेशक, DDT&G ने शिमला जिले के ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLEs) को आधार नामांकन किट और लैपटॉप वितरित किए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता और अधिक प्रभावी होगी।
यूएक्स/यूआई के महत्व पर विशेष सत्र
सचिव (DT&G) आशीष सिंहमार ने अपने मुख्य वक्तव्य में कहा कि बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए यूएक्स/यूआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने सरकारी पोर्टलों को नागरिकों के लिए सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग के विशेषज्ञों ने यूएक्स के मूल सिद्धांत, डिज़ाइन मानक, यूएक्स ऑडिट प्रक्रिया, अपनाने की रणनीति तथा “UX4G” डिज़ाइन सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही शासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की गई।
HPRCA पोर्टल केस स्टडी बना आकर्षण
कार्यशाला के दौरान DDT&G वेबसाइट और HPRCA पोर्टल को केस स्टडी के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसमें सरकारी नौकरी आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के उपायों पर फोकस किया गया।
डिज़ाइन थिंकिंग से सुधरेगी सेवाओं की गुणवत्ता
डिज़ाइन थिंकिंग पद्धति के व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों को बताया गया कि नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर सेवाओं को कैसे विकसित किया जाए। विभिन्न विभागों ने UX4G डिज़ाइन सिस्टम को अपने कार्यप्रवाह में अपनाने में रुचि दिखाई।
प्रतिभागियों ने भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन की मांग की, ताकि प्रदेश में डिजिटल सेवाओं को और अधिक नागरिक-केंद्रित, सरल और प्रभावी बनाया जा सके।