चिट्टे के नाम पर सियासी ठेकेदारी बर्दाश्त नहीं: संजय भारद्वाज

Himachal News

शिमला,

हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के डिप्टी संयोजक संजय भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में कुछ तथाकथित संगठन और लोग ‘चिट्टा’ के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नशा विरोधी अभियान को बना रहे राजनीतिक हथियार

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग नशा विरोधी मुहिम को वोट बैंक, फंडिंग और राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर असली समस्याओं—जैसे तस्करी रोकना और युवाओं को बचाना—पर पर्याप्त काम नहीं हो रहा।

युवाओं को बचाना सबसे बड़ी चुनौती

भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल में चिट्टा समस्या गंभीर है और विशेष रूप से युवाओं को जागरूक करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।

सरकार के प्रयासों का किया जिक्र

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिनमें—

  • वॉकथॉन और जागरूकता अभियान
  • तस्करी की सूचना देने वालों के लिए 10 हजार से 10 लाख रुपये तक इनाम
  • नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

दीर्घकालिक रणनीति की जरूरत

संजय भारद्वाज ने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए सीमा पर कड़ी निगरानी, डी-एडिक्शन सेंटर, युवाओं के लिए रोजगार, खेल और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस जरूरी है। साथ ही भ्रष्टाचार मुक्त पुलिस कार्रवाई को भी अहम बताया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिट्टा समस्या से निपटने के लिए गंभीरता से कठोर कदम उठा रही है और भविष्य में भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।

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