शिमला,
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान के तहत शैक्षणिक संस्थानों के आसपास विशेष तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर 2025 को शुरू किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के अंतर्गत नशे के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में शुक्रवार को प्रदेशभर के स्कूलों और कॉलेजों के आसपास स्थित व्यावसायिक परिसरों में राज्य-स्तरीय तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास एनडीपीएस अधिनियम और कोटपा अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना था।
1,949 दुकानों और वेंडरों की जांच
पुलिस के अनुसार इस व्यापक अभियान के दौरान प्रदेशभर में शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्थित 1,949 चिन्हित दुकानों और वेंडरों की सघन तलाशी ली गई। जिला पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई करते हुए शैक्षणिक संस्थानों के निर्धारित दायरे में तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए कोटपा अधिनियम के तहत पांच अभियोग तथा आबकारी अधिनियम के तहत एक अभियोग दर्ज किया।
567 चालान, 65 हजार रुपये से अधिक जुर्माना
अभियान के दौरान कोटपा अधिनियम के तहत 567 चालान और नॉन-बायोडिग्रेडेबल वेस्ट (कंट्रोल) एक्ट के तहत चार चालान किए गए। इसके अलावा कोटपा अधिनियम के तहत 65,300 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया। तलाशी के दौरान सिगरेट, तंबाकू, बीड़ी सहित बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री भी जब्त की गई।
युवाओं को नशे से दूर रखने का उद्देश्य
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यह राज्य-स्तरीय एंटी-चिट्टा अभियान पूरी तरह व्यवस्थित, खुफिया-आधारित और अंतर-जिला समन्वय के साथ चलाया जा रहा है, ताकि कानून के अनुरूप प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को चिट्टे और अन्य नशे की लत से बचाना तथा ऐसे स्थानों पर पनप रही नशे की गतिविधियों को समाप्त करना है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि चिट्टा या नशे से संबंधित कोई जानकारी मिले तो तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।