शिमला,
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से आज लोक भवन में प्रख्यात शिक्षाविदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर उच्च शिक्षा और शैक्षणिक उत्कृष्टता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
शिक्षण संस्थानों की पहलों से कराया अवगत
प्रतिनिधिमंडल में महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप सिंह वालिया, राजकीय महाविद्यालय गुरदासपुर के प्राचार्य डॉ. अश्वनी कुमार भल्ला तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के डॉ. राज कुमार सिंह शामिल रहे।
शिक्षाविदों ने अपने-अपने संस्थानों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों, शोध कार्यों और शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी तथा मार्गदर्शन का अनुरोध किया।
उद्योग-शिक्षा सहयोग पर जोर
राज्यपाल ने प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय को आवश्यक बताया। उन्होंने छात्रों में शोध की प्रवृत्ति, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर बल दिया।
रोजगारोन्मुख शिक्षा की जरूरत
कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालयों को पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर इंटर्नशिप, व्यावहारिक प्रशिक्षण, उद्यमिता और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ सके।
पारदर्शिता और उत्कृष्टता पर प्रतिबद्धता
उन्होंने विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और प्रतिनिधिमंडल को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
राज्यपाल ने विश्वास जताया कि ऐसे संवाद से सहयोगात्मक शिक्षा संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा तय होगी।