पेजावर मठ भारत की आध्यात्मिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका: राज्यपाल

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नई दिल्ली,

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि देश के मठ और आध्यात्मिक संस्थान भारत की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक समरसता, सेवा और सार्वभौमिक भाईचारे की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने युवाओं को देश की सांस्कृतिक जड़ों और पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

राज्यपाल ने आज नई दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री पेजावर मठ का दौरा किया। यह मठ उडुपी मठ की एक इकाई है। इस दौरान उन्होंने श्री पेजावर अधोक्षज मठ, उडुपी के 33वें पीठाधिपति श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी से भेंट की। मठ पहुंचने पर गुरुकुल के विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राज्यपाल का स्वागत किया।

शिक्षा और सामाजिक सेवा के कार्यों की ली जानकारी

श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी ने राज्यपाल को पेजावर मठ की ओर से शिक्षा, आध्यात्मिकता, सामाजिक सेवा और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वसंत कुंज में मठ द्वारा एक गुरुकुल भी संचालित किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को पारंपरिक भारतीय ज्ञान के साथ मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है।

राज्यपाल ने मठ द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आध्यात्मिक संस्थान केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज में सेवा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत कर रहे हैं।

गुरुकुल परंपरा को बताया भारतीय शैक्षणिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा

कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों का संरक्षण आज के समय में बेहद आवश्यक है। उन्होंने गुरुकुल परंपरा को भारत की स्वदेशी शैक्षणिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि इसमें शिक्षा के साथ अनुशासन, चरित्र निर्माण, आध्यात्मिकता, सेवा और समाज के प्रति सम्मान जैसे मूल्यों को जोड़ा जाता है।

उन्होंने देशभर के मठों और आध्यात्मिक संस्थानों द्वारा सामाजिक समरसता तथा सार्वभौमिक भाईचारे को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी प्रशंसा की। राज्यपाल ने कहा कि भारत के महान संतों और दार्शनिकों की शिक्षाओं में सदैव सद्भाव, करुणा, सेवा और मानव कल्याण जैसे मूल्यों को प्रमुख स्थान मिला है।

युवाओं को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि तेजी से हो रहे तकनीकी और सामाजिक बदलावों के दौर में युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान से जोड़ना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीकी प्रगति के साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों की समझ भी युवाओं के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

उन्होंने मठों और आध्यात्मिक संस्थानों से इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों को और मजबूत करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी से प्रदेशवासियों के लिए आशीर्वाद की कामना की और समाज कल्याण तथा भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए पेजावर मठ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद, दिल्ली के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड ब्रदरहुड ऑर्गनाइजेशन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल खन्ना तथा इंडियन यूथ पार्लियामेंट के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष जोशी भी उपस्थित रहे।