मंडी,
जिला मंडी में सप्ताह भर चले अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले का भव्य समापन राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
समापन समारोह से पहले राज्यपाल ने ऐतिहासिक माधोराय मंदिर में पूजा-अर्चना की और पारंपरिक ‘जलेब’ शोभायात्रा में भाग लिया। उन्होंने राज माधव राय मंदिर में शीश नवाकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की तथा श्रद्धालुओं का अभिवादन किया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि मंडी का शिवरात्रि मेला प्रदेश की आस्था, संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने भगवान शिव को सृजन और संहार का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका त्रिशूल सत्य, धर्म और न्याय का संदेश देता है, जबकि डमरू सृष्टि के शाश्वत चक्र का प्रतीक है।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति का सम्मान ही भगवान शिव की सच्ची आराधना है। हिमाचल को देवभूमि बताते हुए उन्होंने मंडी, जिसे ‘छोटी काशी’ कहा जाता है, की समृद्ध धार्मिक विरासत की सराहना की।
राज्यपाल ने मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों, अंतरराष्ट्रीय दलों की भागीदारी, ब्यास आरती, लेजर शो, साहित्य महोत्सव और महिला उद्यमियों को दिए गए मंच की भी प्रशंसा की। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा देवी-देवताओं, श्रद्धालुओं और वादकों के लिए की गई व्यवस्थाओं को सराहनीय बताया।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने भगवान शिव की महिमा पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए मेले की गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। राज्यपाल ने मेला ध्वज मेला समिति को सौंपकर औपचारिक रूप से मेले के समापन की घोषणा की।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, विभिन्न विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।