मंडी।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंडी जिले के नेरचौक स्थित मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारंभ किया। इस विश्वस्तरीय तकनीक को स्थापित करने पर करीब 28.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में रोबोटिक तकनीक से की जा रही पहली सर्जरी को भी देखा और डॉक्टरों से इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले शिमला के अटल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाणा और कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जा चुकी है। जल्द ही आईजीएमसी शिमला और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी यह सुविधा शुरू की जाएगी, जिसके लिए प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से मरीजों को अधिक सटीक और सुरक्षित इलाज मिल सकेगा। चमियाणा अस्पताल में अब तक 151 और टांडा मेडिकल कॉलेज में 92 सफल ऑपरेशन इस तकनीक से किए जा चुके हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विभाग भी स्थापित किया जाएगा। साथ ही यहां सभी विभागों में पीजी कोर्स शुरू किए जाएंगे। जिन विभागों में प्रोफेसरों की कमी के कारण पीजी कोर्स शुरू नहीं हो पा रहे हैं, वहां सरकार एकमुश्त छूट प्रदान करेगी, ताकि उच्च चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने बताया कि कॉलेज में रेडियोलॉजी समेत अन्य विभागों को और मजबूत किया जाएगा तथा डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों के रिक्त पदों को भी भरा जाएगा। इसके अलावा यहां पैट स्कैन मशीन लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, जिससे गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए प्रयासरत है, ताकि प्रदेश के लोगों को बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। इसी दिशा में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक हाई-एंड तकनीक उपलब्ध करवाई जा रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्टाफ के साथ संवाद भी किया और संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं तथा कमियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझावों को सरकार की नीतियों में शामिल किया जाएगा।