हमीरपुर,
सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में भारत–यूरोपीय संघ (EU) संसदीय मैत्री समूह की पहली ऐतिहासिक बैठक संसद भवन, नई दिल्ली में आयोजित हुई। इस बैठक में यूरोपीय संसद के भारत संबंधी प्रतिनिधिमंडल (D-IN) ने भी भाग लिया।
संसदीय कूटनीति के लिए ‘गर्व का क्षण’
अनुराग ठाकुर ने इसे भारत की संसदीय कूटनीति के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन का परिणाम है।
व्यापार और FTA पर अहम चर्चा
बैठक में भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हुई प्रगति का स्वागत किया गया। लगभग 25 ट्रिलियन डॉलर के संयुक्त बाजार और करीब दो अरब लोगों को कवर करने वाली इस साझेदारी को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बताया गया।
सुरक्षा, तकनीक और नवाचार पर फोकस
दोनों पक्षों के बीच सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, साइबर खतरों से निपटने और औद्योगिक सहयोग पर चर्चा हुई।
इसके अलावा 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
हरित ऊर्जा और जलवायु पर साझेदारी
भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता में उल्लेखनीय उपलब्धि को रेखांकित किया गया। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
जन-से-जन संबंधों को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में यूरोप में भारतीय पेशेवरों, छात्रों और शोधकर्ताओं की बढ़ती भागीदारी पर चर्चा हुई। साथ ही भारत में यूरोपीय विश्वविद्यालयों के कैंपस स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा
पश्चिम एशिया की स्थिति और यूक्रेन संकट सहित कई अंतरराष्ट्रीय विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। भारत ने संवाद और कूटनीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यूरोपीय संसद की ओर से एंजेलिका नीब्लर ने इस बैठक को दोनों लोकतंत्रों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
दोनों पक्षों ने भविष्य में नियमित अंतर-संसदीय बैठकों के आयोजन और सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।