शिमला में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर टाउन हॉल और पदयात्रा, महिलाओं की मजबूत आवाज बुलंद
शिमला,
राजधानी शिमला में 15 अप्रैल 2026 को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के समर्थन में भव्य “टाउन हॉल ऑफ वूमेन” और पदयात्रा का आयोजन किया गया। महिला मोर्चा अध्यक्ष डेज़ी ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर इसे जनआंदोलन का रूप दे दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सर्कुलर रोड स्थित होटल ध्रुव में आयोजित टाउन हॉल से हुई, जहां महिलाओं के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा, नेतृत्व और राजनीति में 33% आरक्षण जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना राष्ट्र निर्माण अधूरा है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं को नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की।
भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष डेज़ी ठाकुर ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल आयोजन नहीं बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए एक मजबूत जनआंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने “नारी शक्ति का सम्मान, नव भारत की पहचान” को साकार करने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त IAS डॉ. पूर्णिमा चौहान ने कहा कि शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नए भारत की पहचान बन रही है। उन्होंने बताया कि समाज में बेटियों के प्रति सोच में सकारात्मक बदलाव आया है।
प्रोफेसर मीनाक्षी पॉल ने कहा कि शिक्षा महिलाओं के सशक्तिकरण की नींव है और हर बेटी को समान अवसर मिलना जरूरी है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता वंदना भगरा ने समाज के सभी वर्गों से महिलाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग की अपील की।
प्रख्यात व्यवसायी रेणु बलजीस ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ समाज और अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकें।
टाउन हॉल के बाद दोपहर 2 बजे होटल ध्रुव से सीटीओ शिमला तक पदयात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर 33% आरक्षण के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
अंत में डेज़ी ठाकुर ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान आगे और व्यापक रूप लेगा तथा महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।