शिमला,
राजधानी शिमला में दिल्ली से आ रही एचआरटीसी वोल्वो बस के चालक के साथ कच्चीघाटी में हुई मारपीट की घटना ने कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि घटना के तुरंत बाद शिमला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार दिल्ली से शिमला आ रही एचआरटीसी वोल्वो बस ने रास्ते में एक स्कॉर्पियो वाहन को ओवरटेक किया था। आरोप है कि इसी बात से नाराज वाहन सवार युवकों ने कच्चीघाटी क्षेत्र में बस को रुकवाकर चालक के साथ मारपीट की। अचानक हुई घटना से बस में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही Shimla Police हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया। फरार हुए दो अन्य आरोपियों को ठियोग पुलिस ने गिरफ्तार कर बालूगंज पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले को लेकर शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Gaurav Singh Thakur ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश एक शांतिप्रिय राज्य है, जहां बाहर से आने वाले पर्यटकों और लोगों का हमेशा स्वागत किया जाता है, लेकिन प्रदेश के शांत माहौल को बिगाड़ने या गुंडागर्दी फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से जुड़े चालक, परिचालक और कर्मचारी दिन-रात आम जनता की सेवा में लगे रहते हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या अभद्रता को पुलिस गंभीरता से ले रही है। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
Gaurav Singh Thakur ने कहा कि शिमला पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और असामाजिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मामले की गहन जांच जारी है और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद एचआरटीसी कर्मचारियों, परिवहन यूनियनों और आम लोगों में भारी रोष देखा जा रहा है। वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई की लोगों ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है ताकि वे बिना भय के अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।