दिल्ली में सुक्खू ने उठाए हिमाचल के ऊर्जा अधिकार, मुफ्त बिजली रॉयल्टी बढ़ाने और 7,784 करोड़ बकाया दिलाने की मांग

Himachal News

नई दिल्ली,

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा, शहरी विकास और वित्तीय हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जलविद्युत परियोजनाओं में राज्य की मुफ्त बिजली रॉयल्टी बढ़ाने और बीबीएमबी से लंबित ऊर्जा बकाया का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की उन जलविद्युत परियोजनाओं में, जिन्होंने संचालन के 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं, राज्य को मिलने वाली मुफ्त बिजली रॉयल्टी की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए। उन्होंने 180 मेगावाट क्षमता वाली बैरा-स्यूल जलविद्युत परियोजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि परियोजना के 44 वर्ष पूरे हो चुके हैं, इसलिए हिमाचल की मुफ्त बिजली हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जानी चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) परियोजनाओं से संबंधित ऊर्जा बकाया का मामला भी मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के निर्माण के दौरान हिमाचल के हजारों लोगों को विस्थापन झेलना पड़ा और प्रदेश को पर्यावरणीय नुकसान भी उठाना पड़ा। इसके बावजूद राज्य को उसका पूरा हक नहीं मिल पाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 31 अक्तूबर 2011 तक के 13,066 मिलियन यूनिट ऊर्जा बकाया और उसके बाद 6 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान किया जाना चाहिए। यदि इसका भुगतान धनराशि के रूप में किया जाता है तो वर्तमान अनुमान के अनुसार यह राशि लगभग 7,784 करोड़ रुपये बनती है।

सुक्खू ने शानन जलविद्युत परियोजना पर भी हिमाचल प्रदेश के अधिकारों का पक्ष रखते हुए केंद्र से राज्य के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

ऊर्जा क्षेत्र के अलावा मुख्यमंत्री ने कांगड़ा में प्रस्तावित ‘एयरो सिटी’ और ‘हिम चंडीगढ़’ परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता की मांग की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 24 शहरी निकायों में ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के तहत 1,179 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रस्तावित कर रही है, जिनमें से 660 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पहले ही केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी हैं।

उन्होंने ‘क्लीन हिली एंड हिमालयन सिटीज इनिशिएटिव’ के अंतर्गत स्वच्छता और कचरा प्रबंधन कार्यों के लिए 12.33 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। साथ ही अमृत योजना के तहत शेष 64.45 करोड़ रुपये जारी करने और अमृत मित्रा योजना के अंतर्गत 14 शहरी निकायों की 43 परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग भी रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में क्यूआर आधारित डिजिटल डोर प्लेट प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे प्रत्येक संपत्ति को विशिष्ट पहचान मिलेगी। इसके दूसरे चरण के सफल क्रियान्वयन के लिए उन्होंने अगले पांच वर्षों में 18 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का अनुरोध भी किया।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेकर राज्य के विकास और आर्थिक सशक्तिकरण में सहयोग करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *