एंटी-चिट्टा दिवस पर हिमाचल में ड्रग माफिया पर बड़ा प्रहार, 13.28 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ किए नष्ट

Himachal News

शिमला,

अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश में पहली बार पूरे राज्य में ‘एंटी-चिट्टा दिवस’ मनाया गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर 2025 को शुरू किए गए प्रदेशव्यापी ‘एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन’ के तहत हिमाचल पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए लगभग 13.28 करोड़ रुपये मूल्य के जब्त नशीले पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया।

मुख्य सचिव के.के. पंत के मार्गदर्शन में प्रदेश के 10 अलग-अलग स्थानों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में जब्त मादक पदार्थों को एक साथ नष्ट किया गया। यह हिमाचल के इतिहास में पहली बार हुआ, जब पूरे प्रदेश में एक ही समय पर इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स का सामूहिक निस्तारण किया गया।

सरकार और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि हिमाचल में ड्रग माफिया और नशे के कारोबार के लिए कोई जगह नहीं है। इस अभियान का उद्देश्य केवल जब्त मादक पदार्थों का निपटारा करना नहीं, बल्कि युवाओं को चिट्टा और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स के खतरे से बचाना तथा समाज के हर वर्ग को नशा विरोधी अभियान से जोड़ना भी है।

इस अवसर पर प्रदेश की नशे से प्रभावित पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं। वहीं सभी सरकारी और निजी स्कूलों, शिक्षण संस्थानों तथा सरकारी कार्यालयों में नशे के खिलाफ शपथ दिलाई गई।

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि यदि चिट्टा या किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से जुड़ी कोई सूचना मिले तो तत्काल 112 या नजदीकी पुलिस थाने में जानकारी दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दोहराया कि जनसहयोग और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।