शिमला,
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, उपभोक्ता सेवाओं और किसानों से कृषि उपज की खरीद व्यवस्था को मजबूत करने के साथ विभिन्न सरकारी विभागों को जरूरी सामग्री की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। इस व्यवस्था में हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अहम भूमिका निभा रहा है।
पिछले 46 वर्षों से निगम प्रदेशवासियों तक आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निरंतर आपूर्ति करने के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने में योगदान दे रहा है। इसके माध्यम से प्रदेश में खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
19.42 लाख राशन कार्ड धारकों को मिल रहा सब्सिडी वाला राशन
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदेश के करीब 19.42 लाख राशन कार्ड धारकों को हर माह चावल, आटा और अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उपभोक्ताओं को सब्सिडी दरों पर खाद्य तेल, नमक और दालें भी उपलब्ध करवाई जाती हैं।
निगम की 54 गैस एजेंसियों के माध्यम से एलपीजी सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा निगम द्वारा संचालित चार पेट्रोल पंप भी उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
47 मेडिकल स्टोर पर 50 प्रतिशत तक की छूट
स्वास्थ्य सुविधाओं को किफायती बनाने के उद्देश्य से निगम के 47 मेडिकल स्टोर के माध्यम से दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इन स्टोर पर दवाइयों पर 10.25 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए इन मेडिकल स्टोर पर 24 घंटे सेवाएं उपलब्ध हैं।
निगम विभिन्न सरकारी विभागों की जरूरतों को पूरा करने में भी सहयोग कर रहा है। इसके तहत सीमेंट, पाइप, दवाइयां, मिड-डे-मील की खाद्य सामग्री और मनरेगा से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यक सीमेंट की आपूर्ति की जा रही है।
किसानों से सीधे धान और गेहूं की खरीद
राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का बाजार उपलब्ध करवाने के लिए सीधे कृषि उत्पादों की खरीद कर रही है। वर्ष 2022-23 से किसानों से धान की खरीद की जा रही है। वर्ष 2025-26 में अक्तूबर से दिसंबर के बीच 21,127 मीट्रिक टन धान खरीदा गया।
इसी तरह वर्ष 2023-24 से किसानों से सीधे गेहूं की खरीद शुरू की गई। वर्ष 2026-27 में अब तक करीब 4,567.50 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत भी किसानों से कृषि उपज खरीदी जा रही है। वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों से 217 मीट्रिक टन मक्की खरीदी गई, जबकि वर्ष 2026-27 में अब तक करीब 267.96 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।
‘हिम मक्की आटा’ और ‘हिम भोग गेहूं आटा’ के रूप में बिक्री
किसानों से खरीदी गई मक्की और गेहूं को प्रसंस्कृत करने के बाद उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाया जा रहा है। मक्की से तैयार आटा ‘हिम मक्की आटा’ और गेहूं से तैयार आटा ‘हिम भोग गेहूं आटा’ ब्रांड के नाम से आकर्षक दरों पर उपलब्ध करवाया जा रहा है।
इस पहल से एक ओर किसानों को उनकी उपज के लिए बाजार उपलब्ध हो रहा है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को स्थानीय कृषि उत्पादों से तैयार खाद्य सामग्री मिल रही है।
एलपीजी सुरक्षा को लेकर घर-घर निरीक्षण
जन सुरक्षा को भी राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। केंद्र सरकार के बुनियादी सुरक्षा निरीक्षण अभियान के तहत प्रदेश की 54 गैस एजेंसियों के माध्यम से घरेलू एलपीजी कनेक्शनों का सुरक्षा निरीक्षण किया गया।
निर्धारित 2,52,420 उपभोक्ताओं के लक्ष्य के मुकाबले 2,42,027 एलपीजी कनेक्शनों, यानी करीब 96 प्रतिशत, का घर-घर जाकर निरीक्षण किया गया। इस दौरान उपभोक्ताओं को एलपीजी के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में भी जागरूक किया गया।
आपदा प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही जरूरी सामग्री
कठिन परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी सार्वजनिक आपूर्ति व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। सरकार के निर्देशों के अनुसार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों को निःशुल्क राशन और एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों को ई-ग्रेड गुणवत्ता का राशन, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सामग्री भी समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाई जा रही है। इन वस्तुओं की आपूर्ति का वार्षिक मूल्य करीब 10 से 15 करोड़ रुपये बताया गया है।
कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हितों पर भी फोकस
राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों के कल्याण के लिए भी विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं। कर्मचारी कल्याण कोष की स्थापना के साथ निगम द्वारा कर्मचारियों को बोनस और एक्स-ग्रेशिया सहायता प्रदान की जा रही है।
उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए निगम मुख्यालय में शिकायत निवारण प्रकोष्ठ भी स्थापित किया गया है। शिकायतें निर्धारित व्यवस्था के तहत दर्ज करवाई जा सकती हैं।
राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से संचालित इन पहलों को प्रदेश में खाद्य सुरक्षा, किसान हितों और उपभोक्ता सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं की नियमित उपलब्धता के साथ किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों को सुरक्षित करना है।