ताया कि प्रदेश में अब तक करीब 4.77 लाख श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि लगभग एक लाख श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने ऐसी व्यवस्था को देशभर में लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके।

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बैठक में श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने के लिए लेबर चौक स्थापित करने और इससे संबंधित व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई।

जनवरी 2023 से 108 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता

बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि जनवरी 2023 से अब तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत करीब 108 करोड़ रुपये की राशि श्रमिकों को वितरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि इनमें शिक्षा सहायता योजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस योजना के तहत 15,536 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई और शिक्षा के लिए कुल 46,38,01,225 रुपये वितरित किए गए।

डिजिटल लेबर चौक और एलईडी के जरिए प्रचार

श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से प्रचार-प्रसार, डिजिटल लेबर चौक तथा सैस संग्रह से संबंधित कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

इसके अलावा आम लोगों और पात्र श्रमिकों को बोर्ड की योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर एलईडी डिस्प्ले के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने की पहल भी की जा रही है।

विदेशों में भी सराही गई बोर्ड की कार्यप्रणाली

नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और कार्यप्रणाली को देश के बाहर भी सराहना मिली है। उन्होंने बताया कि श्रीलंका और नेपाल से आए प्रतिनिधिमंडलों ने बोर्ड की व्यवस्थाओं और कल्याणकारी योजनाओं की प्रशंसा की है।

उन्होंने कहा कि इन देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने हिमाचल की योजनाओं की तर्ज पर अपने देशों में भी ऐसी कल्याणकारी व्यवस्थाएं लागू करने की संभावनाओं पर जोर दिया।

नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में बोर्ड निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पात्र श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाना बोर्ड की प्राथमिकता है।