राज्यपाल ने चंद्रनाहन रंगमंच के कलाकारों को किया सम्मानित, 51 हजार रुपये देने की घोषणा

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शिमला,

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने रोहड़ू के चंद्रनाहन रंगमंच के कलाकारों को लोक भवन में चाय पर आमंत्रित कर उनकी शानदार नाट्य प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया। इस दौरान राज्यपाल ने कलाकारों के साथ सहज और अनौपचारिक बातचीत की तथा उनके रंगमंचीय अनुभवों को जाना। पूरी नाट्य मंडली के लिए यह अवसर भावुक और उत्साहवर्धक रहा।

यह सम्मान 12 अक्टूबर को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में वरिष्ठ साहित्यकार एस. आर. हरनोट के चर्चित उपन्यास ‘हिडिम्बा’ पर आधारित नाटक ‘मुखौटासुर’ के प्रभावशाली मंचन के बाद दिया गया। चंद्रनाहन रंगमंच, रोहड़ू के कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और प्रस्तुति से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी थी।

नाटक की प्रस्तुति से प्रभावित हुए राज्यपाल

‘मुखौटासुर’ के मंचन के दौरान राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता भी मौजूद रहे। कलाकारों की प्रस्तुति से वह इतने प्रभावित हुए कि देर रात तक थिएटर में रहे। नाटक के कई भावुक प्रसंगों के दौरान राज्यपाल भावुक भी नजर आए।

कलाकारों के साथ संवाद के दौरान राज्यपाल ने कहा कि नाटक की प्रस्तुति ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया। उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने भी एकांकी नाटकों में अभिनय किया था। उन्होंने कहा कि इस अनुभव के कारण वह अच्छी तरह समझते हैं कि किसी नाट्य प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाने के लिए कलाकारों को कितनी मेहनत, तैयारी और समर्पण करना पड़ता है।

निर्देशक ने साझा की मंचन की तैयारियों की जानकारी

नाटक के निर्देशक कृष्ण भारती ने राज्यपाल को ‘मुखौटासुर’ के मंचन की तैयारियों और चंद्रनाहन रंगमंच की अन्य गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान नाट्य मंडली के कलाकारों ने भी राज्यपाल के साथ अपने अनुभव साझा किए और रंगमंच से जुड़े अपने सफर के बारे में बताया।

राज्यपाल ने कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि रंगमंच समाज और संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कलाकारों को आगे भी इसी समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कलाकारों के लिए 51 हजार रुपये देने की घोषणा

कलाकारों के उत्साहवर्धन के लिए राज्यपाल ने 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने चंद्रनाहन रंगमंच के कलाकारों की प्रतिभा और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की लोक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में रंगकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम के बाद कलाकारों ने ऐतिहासिक लोक भवन का भ्रमण भी किया और भवन से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज भी उपस्थित रहे।