कनाडा में गूंजा कुल्लू दशहरा का रंग, सीएम सुक्खू ने वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित

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हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक कनाडा की राजधानी ओटावा स्थित पार्लियामेंट हिल पर देखने को मिली, जहां हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन (HPGA) ने भव्य कुल्लू दशहरा समारोह का आयोजन किया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वर्चुअल माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए आयोजकों और प्रवासी हिमाचली समुदाय को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह पर्व लोगों को सत्य और न्याय के पक्ष में मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः धर्म की अधर्म पर विजय होती है।

विदेश में हिमाचली संस्कृति को मिल रहा मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में भारतीय प्रवासी जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ भारतीय त्योहारों, संस्कृति और परंपराओं को मनाते हैं, वह भारत की ‘विविधता में एकता’ की गौरवशाली विरासत को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि कनाडा के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्थल पर कुल्लू दशहरा का आयोजन हिमाचल से जुड़े लोगों, भारत-कनाडाई समुदाय, संस्कृति प्रेमियों और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। ऐसे आयोजन हिमाचल प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नाटी और झमाकड़ा ने बांधा समां

समारोह में हिमाचली संस्कृति की रंगारंग झलक देखने को मिली। पारंपरिक नाटी और झमाकड़ा लोकनृत्यों के साथ रामलीला का जीवंत मंचन भी किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारत-कनाडाई समुदाय की हिमाचली परंपराओं के प्रति जुड़ाव और भावी पीढ़ियों तक अपनी सांस्कृतिक विरासत पहुंचाने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।

हिमाचली धाम ने कराया पारंपरिक स्वाद से परिचय

समारोह में हिमाचली अतिथि-सत्कार की परंपरा भी देखने को मिली। मेहमानों को पारंपरिक हिमाचली व्यंजन परोसे गए और विशेष रूप से हिमाचली धाम के माध्यम से लोगों को प्रदेश के पारंपरिक खानपान से परिचित करवाया गया।

मुख्यमंत्री ने हिमाचली प्रवासी समुदाय को एकजुट करने, प्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने तथा दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बसे हिमाचलियों और कनाडा में रहने वाले समुदायों के बीच संबंध मजबूत करने के लिए एचपीजीए के प्रयासों की सराहना की।

35 से अधिक भारत-कनाडाई संगठनों ने दिया सहयोग

इस कार्यक्रम की मेजबानी ऑरलियन्स की सांसद मैरी-फ्रांस लालोंद ने की। आयोजन में 35 से अधिक भारत-कनाडाई संगठनों ने सहयोग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओटावा में इस स्तर पर कुल्लू दशहरा का आयोजन वैश्विक स्तर पर हिमाचल प्रदेश की बढ़ती पहचान और प्रभाव को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल के लोगों की प्रतिभा, कौशल और नेतृत्व क्षमता को दुनिया में सम्मान मिल रहा है तथा ऐसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती प्रदान करते हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री ने भी दी शुभकामनाएं

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी कुल्लू दशहरा के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कनाडा के बहुसांस्कृतिक स्वरूप को समृद्ध बनाने में सांस्कृतिक विविधता, सामुदायिक भागीदारी और भारत-कनाडाई समुदाय के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

एचपीजीए के निदेशक मंडल के सदस्यों भाग्य चंद्र, अरुण चौहान, विवेक नजर, संजीव ठाकुर, आशु कालिया और पूनम गुलरिया ने हिमाचली संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और परंपराओं को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने तथा विश्वभर के हिमाचली समुदाय के बीच आपसी संबंध मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।