शिमला,
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों के हित में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उन्हें स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम करने की सुविधा देने के लिए नीति में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति की तिथि से जनरल ड्यूटी ऑफिसर (GDO) के लिए उपलब्ध सभी लाभ प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह बात नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सा अधिकारियों के साथ आयोजित संवाद के दौरान कही। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को पीजी/एसएस नीति के प्रावधानों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए।
66.6 प्रतिशत कोटे में पीजी की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन-सर्विस जनरल ड्यूटी ऑफिसर्स के लिए आरक्षित 66.6 प्रतिशत कोटे के तहत जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश का अवसर मिलना चाहिए। इसमें पीजी (एमडी/एमएस) और पीजी (एमडीएस) पाठ्यक्रम भी शामिल होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित पीजी पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद चिकित्सा अधिकारियों को अपनी नियुक्ति अवधि की शेष अवधि जॉब ट्रेनी के तौर पर प्रदेश में सेवाएं देनी होंगी। पाठ्यक्रम के दौरान वेतन और अन्य सेवा लाभ उपलब्ध करवाने के लिए भी उचित प्रावधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
पीजीआई और एम्स से पढ़े डॉक्टरों को मिलेगा अवसर
मुख्यमंत्री ने पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स नई दिल्ली से पीजी करने वाले चिकित्सकों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सकों को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़े सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के पदों पर नियुक्त करने की व्यवस्था की जाए।
इन नियुक्तियों के लिए डायरेक्ट कैंडिडेट्स के लिए निर्धारित 33.33 प्रतिशत कोटे के तहत एमबीबीएस और पीजी परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट को आधार बनाया जाएगा। इसके लिए लिखित परीक्षा अथवा साक्षात्कार आयोजित नहीं किया जाएगा।
आईजीएमसी और टांडा में खुलेंगे जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग स्थापित करेगी। इसका उद्देश्य बढ़ती उम्र के मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को उनकी नियुक्ति की तारीख से जीडीओ को मिलने वाले सभी लाभ दिए जाएंगे। वहीं, नियमितीकरण के लिए जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसरों को दोबारा परीक्षा देने से छूट देने के विषय पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
सरकारी अस्पतालों में बढ़ाई जा रही आधुनिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, स्पष्ट सेवा शर्तों और योग्य चिकित्सकों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के चार चिकित्सा संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इससे मरीजों को सरकारी चिकित्सा संस्थानों में ही आधुनिक उपचार की सुविधा मिल रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से परिचित करवाने के लिए विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भी भेजा जा रहा है, ताकि बेहतर चिकित्सा तकनीकों को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में अपनाया जा सके।
स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की स्थिति में सुधार का दावा
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत पदों की तुलना में स्वास्थ्य संस्थानों में करीब 35 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यरत थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने और वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए काम कर रही है।
इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, सचिव स्वास्थ्य आशीष सिंहमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक प्रदीप ठाकुर, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य मौजूद रहे।