शिमला,
राज्य सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष अरुणा महाजन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यह फैसला महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और आंगनबाड़ी कर्मियों के आर्थिक हितों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार के निर्णय के अनुसार वर्ष 2026-27 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये, जबकि सहायिकाओं का मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये किया गया है।
हर साल बढ़ा मानदेय
अरुणा महाजन ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में लगातार बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 9,500 रुपये और सहायिकाओं को 5,200 रुपये मासिक मानदेय मिलता था। वर्ष 2024-25 में इसे क्रमशः 10,000 रुपये और 5,500 रुपये किया गया। वर्ष 2025-26 में कार्यकर्ताओं का मानदेय 10,500 रुपये और सहायिकाओं का 5,800 रुपये हुआ।
अब वर्ष 2026-27 में कार्यकर्ताओं को 11,500 रुपये और सहायिकाओं को 6,800 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इस तरह वर्ष 2023-24 के मुकाबले कार्यकर्ताओं के मानदेय में 2,000 रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में 1,600 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि हुई है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में अहम भूमिका
अरुणा महाजन ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की प्रारंभिक देखभाल और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कर्मी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पात्र परिवारों तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में मानदेय में वृद्धि उनके कार्यों के प्रति सम्मान के साथ-साथ उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम कदम है।
विधवा और एकल महिलाओं को भी मिलेगा लाभ
सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश सरकार ने विधवा, निराश्रित और एकल महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पदों पर नियुक्ति के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए वार्षिक आय सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इससे निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली अधिक महिलाओं के लिए इन पदों पर आवेदन करने का रास्ता आसान होगा। अरुणा महाजन ने इस निर्णय के लिए भी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया और कहा कि सरकार महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।