शिमला। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए लेबर कोड के खिलाफ सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने बुधवार को राजधानी शिमला में जबरदस्त प्रदर्शन किया। पंचायत भवन से शुरू हुई रैली लोअर बाजार होते हुए उपायुक्त कार्यालय के बाहर पहुंची, जहां सैकड़ों मजदूरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लेबर कोड को वापस लेने की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि चारों लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं और देशभर में इनका व्यापक विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि ये कानून मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकार, सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करते हैं तथा श्रम कानूनों को पूंजीपति वर्ग के हित में ढालने की कोशिश हैं।
मेहरा ने कहा कि लेबर कोड लागू होने से संगठित व असंगठित दोनों क्षेत्रों के मजदूरों पर ठेका और कॉन्ट्रैक्ट आधारित रोजगार का बोझ बढ़ जाएगा। इसके साथ ही ट्रेड यूनियन गतिविधियों पर भी अंकुश लगाने की स्थिति बन जाएगी, जिससे मजदूरों की आवाज को कमजोर किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इन कोडों को तत्काल वापस नहीं लिया तो सीटू आंदोलन को और उग्र रूप देने पर मजबूर होगी।
रैली के दौरान कई मजदूर नेताओं ने भी अपने विचार रखे और कहा कि लेबर कोड मजदूरों को आधुनिक समय की बंधुआ मजदूरी और गुलामी की ओर धकेलने वाले हैं।