मंडी,
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने बुधवार को Sardar Patel University के द्वितीय दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने समारोह को केवल डिग्री वितरण कार्यक्रम न बताते हुए ‘ज्ञान, संस्कृति और जिम्मेदारी के संगम का उत्सव’ बताया।
राज्यपाल ने स्नातक विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल व्यक्तिगत करियर तक सीमित न रहें, बल्कि अपने ज्ञान, नवाचार और नैतिक मूल्यों को ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण में समर्पित करें।
उन्होंने Sardar Vallabhbhai Patel की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता का उनका आदर्श आज भी उतना ही प्रासंगिक है। विश्वविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने के निर्णय की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय दृष्टि का प्रतीक बताया।
राज्यपाल ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को दोहराते हुए विश्वविद्यालय की कम समय में हुई प्रगति की प्रशंसा की। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की स्थापना और पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में दीक्षांत समारोह जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और विकसित भारत 2047 जैसे लक्ष्य तभी संभव हैं, जब युवा सक्रिय रूप से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाएं।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को समाज के वंचित वर्गों के उत्थान, नशामुक्त जीवन, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवनभर चलने वाली प्रक्रिया है और ‘दीक्षांत’ वास्तव में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है।
समारोह में विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के 575 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि 40 छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्थान ने 2.30 करोड़ रुपये की शोध परियोजनाएं प्राप्त कीं, 60 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए और दो पेटेंट स्वीकृत करवाए हैं।
कार्यक्रम में विधायक चन्द्र शेखर, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।