शिमला,
हिमाचल दिवस के पावन अवसर पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल 1948 का दिन हिमाचल के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है, जब 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के एकीकरण से हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ था।
राज्यपाल ने कहा कि यह दिवस केवल ऐतिहासिक महत्व नहीं रखता, बल्कि यह प्रदेश की एकता, समर्पण और सामूहिक संकल्प का प्रतीक भी है। उन्होंने हिमाचल को “वीर भूमि” बताते हुए देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि 79वां हिमाचल दिवस प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। सीमित संसाधनों और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद हिमाचल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, आधारभूत ढांचे और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इन सफलताओं का श्रेय प्रदेश के मेहनती नागरिकों और दूरदर्शी नेतृत्व को जाता है।
राज्यपाल ने युवाओं से विशेष आह्वान करते हुए कहा कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहें और राज्य को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि देवभूमि की गरिमा बनाए रखने के लिए हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने अंत में कहा कि हिमाचल दिवस हमें समावेशी विकास के लिए मिलकर कार्य करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से सशक्त हिमाचल के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।