शिमला,
हिमाचल प्रदेश को सिंचाई गणना 2023-25 के तहत पहली बार प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई (MMI) गणना सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सी.आर. पाटिल द्वारा नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में जल शक्ति विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन को प्रदान किया गया।
बाद में मुख्य सचिव संजय गुप्ता और सचिव जल शक्ति ने यह पुरस्कार ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को शिमला में औपचारिक रूप से भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने की सराहना
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर जल शक्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए कहा कि सिंचाई परियोजनाएं कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि में अहम भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि डेटा-आधारित योजना, बेहतर शासन और सिंचाई क्षेत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
क्या है MMI गणना
प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई (MMI) गणना का उद्देश्य देशभर में सिंचाई परियोजनाओं से संबंधित व्यापक डेटा-बेस तैयार करना है।
- 10,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र वाली परियोजनाएं प्रमुख श्रेणी
- 2,000 से 10,000 हेक्टेयर वाली परियोजनाएं मध्यम श्रेणी
हिमाचल में 10 परियोजनाएं शामिल
इस गणना के तहत प्रदेश में
- 1 प्रमुख परियोजना
- 9 मध्यम परियोजनाएं
शामिल की गई हैं।
इनमें से
- 8 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं
- 2 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं
समय से पहले पूरा किया कार्य
जल शक्ति विभाग ने यह पूरा कार्य अक्टूबर 2025 में ही पूरा कर लिया, जबकि निर्धारित समय सीमा दिसंबर 2025 थी। यह विभाग के बेहतर समन्वय और कार्यकुशलता को दर्शाता है।
सिंचाई क्षमता और उपयोग
- प्रमुख परियोजना में लगभग 64% क्षमता का उपयोग
- मध्यम परियोजनाओं में करीब 84% उपयोग
- कुल उपयोग में मध्यम परियोजनाओं का योगदान लगभग 59%
ये परियोजनाएं मुख्य रूप से खरीफ और रबी फसलों के लिए उपयोगी हैं और वर्तमान में सभी बाढ़ सिंचाई पद्धति पर आधारित हैं।