शिमला,
हिमाचल प्रदेश ने व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शिक्षा मंत्री Rohit Thakur ने बताया कि Himachal Pradesh Board of School Education को National Council for Vocational Education and Training से “ड्यूल कैटेगरी” मान्यता प्राप्त हुई है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश, Andhra Pradesh के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है जिसे अवॉर्डिंग बॉडी और असेसमेंट एजेंसी दोनों के रूप में मान्यता मिली है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस मान्यता से राज्य में व्यावसायिक शिक्षा को नया बल मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अब स्कूल शिक्षा बोर्ड राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का निर्माण, प्रशिक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणन स्वयं कर सकेगा।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के तहत जारी होने वाले प्रमाणपत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलेगी, जिससे छात्रों को देश और विदेश में शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल National Education Policy 2020 के उस उद्देश्य के अनुरूप है जिसमें अकादमिक और कौशल आधारित शिक्षा को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया गया है।
स्कूलों में शुरू होगा बागवानी व्यावसायिक पाठ्यक्रम
रोहित ठाकुर ने कहा कि इस नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के स्कूलों में बागवानी विषय से जुड़ा व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। हिमाचल को ‘फ्रूट बाउल ऑफ इंडिया’ के रूप में जाना जाता है, इसलिए यह पाठ्यक्रम राज्य की कृषि और बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगा।
इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बागवानी प्रबंधन, पोस्ट-हार्वेस्ट तकनीक और जैविक खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी मिल सकेंगे।
कौशल आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव Major Vishal ने बताया कि यह कार्यक्रम NSQF के स्तर 1 से 4 के अनुसार संचालित होगा, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक उद्योग और कृषि क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण मिल सके।
उन्होंने कहा कि इन पाठ्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए बोर्ड मानक संचालन प्रक्रियाएं तैयार कर रहा है और सरकारी स्कूलों में आधुनिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित करने की योजना भी बनाई जा रही है।