शिमला,
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में पंचायती राज चुनाव नियमों में संशोधन से लेकर नई भर्तियों, जलविद्युत परियोजनाओं और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के कुछ प्रावधानों में संशोधन के प्रस्ताव पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने का निर्णय लिया। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार वर्ष 2010 को आधार वर्ष मानते हुए जो पंचायतें लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षित नहीं किया जाएगा।
बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम, 2010 में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई। इसके तहत ‘निराश्रित महिला’ की परिभाषा को स्पष्ट किया गया है और पात्रता प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब वे महिलाएं, जिन्हें उनके पति ने छोड़ दिया है और जिनकी आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है, उन्हें भी इस श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े निर्णयों के तहत स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के अंतर्गत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 40 प्रतिशत हिस्सा ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को वित्तीय सहायता के रूप में देने का फैसला लिया गया। इसके अलावा, एकमुश्त माफी योजना का लाभ लेने के बावजूद समय पर शुरू नहीं हुई 15 जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने की स्वीकृति भी दी गई।
मंत्रिमंडल ने पंडोह में 10 मेगावाट क्षमता की लघु जलविद्युत परियोजना को Bhakra Beas Management Board को आवंटित करने का निर्णय लिया। इस परियोजना से राज्य सरकार को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी प्राप्त होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए सिंगल विलेज और मल्टी विलेज योजनाओं के अंतर्गत स्थापित अधोसंरचना का संचालन और रख-रखाव ग्राम पंचायतों को सौंपने को भी मंजूरी दी गई।
डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ढगवार में क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के गठन को स्वीकृति दी गई, जिसमें कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के दुग्ध उत्पादक शामिल होंगे। इसके प्रबंधन के लिए National Dairy Development Board को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने चंडीगढ़–शिमला–चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा को सप्ताह में तीन उड़ानों से बढ़ाकर बारह उड़ानें करने का निर्णय भी लिया। अब सप्ताह में छह दिन प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित होंगी।
बैठक में विभिन्न विभागों में कई पद भरने को भी मंजूरी दी गई। तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत सरकारी इंजीनियरिंग और फार्मेसी महाविद्यालयों में 60 सहायक प्राध्यापक, सहकारिता विभाग में 32 पद, शिक्षा विभाग के खेल छात्रावासों में 16 कोच तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (सूचना प्रौद्योगिकी) के तीन पद भरे जाएंगे।
इसके अलावा हमीरपुर के खरीड़ी स्थित खेल छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 100 बिस्तर करने, ऊना के गगरेट में उप-मंडलीय पुलिस कार्यालय स्थापित करने और नूरपुर पुलिस जिला में कोटला पुलिस चौकी को थाना बनाने को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने शिमला के कोटखाई में नया केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए भूमि शिक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने, ऊना के टाहलीवाल फायर पोस्ट को उप अग्निशमन केंद्र में अपग्रेड करने तथा वर्ष 2016 में चयनित पटवारियों के शेष अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की।
साथ ही, शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक जल वाहकों की सेवाएं नियमित करने का निर्णय भी लिया गया, जिन्होंने निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर ली है।