शिमला,
हिमाचल प्रदेश में युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और उनके लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से डिजिटल प्लेटफॉर्म, कौशल विकास और आधुनिक तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल शुरू किया है, जो तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों, उद्योगों और नियोक्ताओं को एक मंच पर जोड़कर भर्ती एवं प्लेसमेंट प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करेगा।
प्रदेश में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, एयरोस्पेस और आधुनिक विनिर्माण जैसी उभरती तकनीकों से परिचित करवाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाना और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।
तकनीकी रोजगार सेतु पोर्टल पर 164 संस्थान पंजीकृत
तकनीकी शिक्षा विभाग की इस पहल के तहत ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल को युवाओं और उद्योगों के बीच डिजिटल माध्यम के रूप में विकसित किया गया है। इस पर विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक जानकारी, कौशल, प्रशिक्षण और प्रमाणपत्रों का विवरण दर्ज कर सकते हैं। इसके माध्यम से वे उपलब्ध नौकरियों की जानकारी प्राप्त करने, आवेदन करने और अपनी प्लेसमेंट की स्थिति देखने में भी सक्षम होंगे।
अब तक इस पोर्टल पर 164 तकनीकी संस्थान पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 136 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), 18 पॉलिटेक्निक, 5 इंजीनियरिंग कॉलेज और 5 फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं।
पोर्टल के माध्यम से नियोक्ता उम्मीदवारों की योग्यता और कौशल के आधार पर उपयुक्त अभ्यर्थियों का चयन कर सकेंगे। नियुक्तियों की जानकारी भी विभाग के साथ साझा की जा सकेगी। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, अनावश्यक देरी कम करने और उद्योगों को प्रशिक्षित युवा उपलब्ध करवाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हिम एक्सेस से 26,168 छात्रों का पंजीकरण
प्रदेश में डिजिटल पहचान और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को सरल बनाने के लिए हिम एक्सेस प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यह नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों को विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं एप्लीकेशनों तक पहुंचने के लिए साझा प्रमाणीकरण सुविधा उपलब्ध करवाता है।
हिम एक्सेस इंटीग्रेशन पोर्टल पर अब तक 26,168 छात्रों का पंजीकरण किया गया है। इनमें से 23,054 छात्रों की कौशल मैपिंग पूरी हो चुकी है। इसके अतिरिक्त 97 नियोक्ता भी इस पोर्टल से जुड़ चुके हैं।
इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए इलेक्ट्रीशियन और प्लंबर जैसे कुशल श्रमिकों की सेवाएं कम अवधि वाले कामों के लिए भी प्राप्त की जा सकेंगी। इससे कुशल कामगारों और सेवाओं की तलाश कर रहे लोगों के बीच संपर्क स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
कजाकिस्तान और जापान की तकनीक से रूबरू हुए हिमाचली विद्यार्थी
प्रदेश के तकनीकी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रणालियों और आधुनिक तकनीकों का अनुभव देने के लिए एक्सपोजर विजिट भी आयोजित की जा रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय भ्रमण के तहत हिमाचल के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के 30 प्रशिक्षुओं ने कजाकिस्तान के अल्माटी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने समाल वाटर बॉटलिंग प्लांट, राखात चॉकलेट फैक्ट्री और ग्रीन मार्केट की कार्यप्रणाली को समझा। इस अनुभव से प्रशिक्षुओं को आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति की जानकारी मिली।
इसी क्रम में प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों के बीटेक के 44 मेधावी विद्यार्थियों ने जापान का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने टोक्यो मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी, जेएएक्सए त्सुकुबा स्पेस सेंटर, साइबरडाइन रोबोटिक्स स्टूडियो, जेएएल एयरोस्पेस फैक्ट्री और क्योसेरा फैक्ट्री सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों एवं औद्योगिक इकाइयों का दौरा किया। विद्यार्थियों को ओसाका के उद्योगों में इस्तेमाल की जा रही तकनीकों को जानने का अवसर भी मिला।
इन दौरों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान, रोबोटिक्स, एयरोस्पेस, उन्नत विनिर्माण और आधुनिक परिवहन प्रणालियों से संबंधित जानकारियां हासिल कीं। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और सांस्कृतिक अनुभव से उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाने का प्रयास किया गया।
तकनीकी संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए 35.34 करोड़ रुपये
तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रदेश सरकार पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों और आईटीआई में सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर भी काम कर रही है। इस दिशा में विभिन्न तकनीकी संस्थानों के लिए 35.34 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
इस राशि से संस्थानों में तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके और उन्हें नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों।
कौशल विकास और नवाचार से आत्मनिर्भर हिमाचल का लक्ष्य
प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को रोजगारपरक बनाने के साथ विद्यार्थियों की सॉफ्ट स्किल, नवाचार क्षमता और व्यावसायिक दक्षता विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। नई तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण और उद्योगों के साथ बेहतर तालमेल के माध्यम से युवाओं को नौकरी के साथ स्वरोजगार के लिए भी तैयार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म, अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट और तकनीकी संस्थानों के आधुनिकीकरण जैसी पहलें हिमाचल में कौशल आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इनके जरिए प्रदेश के युवाओं को बदलते तकनीकी परिदृश्य के अनुरूप तैयार करने और हिमाचल को उभरते तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।