विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में जनभागीदारी जरूरी: राज्यपाल

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जम्मू,

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं सदियों से आत्मिक शांति, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय चेतना का महत्वपूर्ण आधार रही हैं।

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज जम्मू में जगद्गुरु महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी जी के पावन समागम में भाग लिया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी उपस्थित रहीं।

समागम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि संतों और आध्यात्मिक गुरुओं का मार्गदर्शन समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ लोगों में करुणा, सेवा, सद्भाव, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन व्यक्ति को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का बोध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि भारत की सभ्यतागत विरासत में मानवता, सेवा और सामूहिक कल्याण को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हमारी संस्कृति और परंपराएं केवल अतीत की धरोहर नहीं हैं, बल्कि इन्हें संरक्षित कर भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से प्रगति कर रहा है और वर्ष 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने कहा कि विकास और आधुनिकता के साथ भारत की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं, जीवन-मूल्यों और आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण भी आवश्यक है। देश को प्रगति के नए आयाम स्थापित करते हुए अपनी सांस्कृतिक जड़ों और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत की विविधता में एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। इसलिए समाज में विभाजन पैदा करने वाली प्रवृत्तियों से बचना और आपसी भाईचारे को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से नफरत, भ्रामक सूचनाओं तथा समाज को बांटने वाली गतिविधियों से दूर रहने का आह्वान किया।

राज्यपाल को ‘देश रत्न’ सम्मान

समागम के दौरान जगद्गुरु महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी जी ने राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता को ‘देश रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया।

सम्मान प्राप्त करने के बाद राज्यपाल ने इसके लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान समाज और राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वों को और अधिक जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ निभाने की प्रेरणा देता है।

राज्यपाल ने कहा कि देश की विकास यात्रा तभी सार्थक होगी, जब आधुनिक प्रगति के साथ भारत के शाश्वत मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना को भी मजबूती मिले।