मैहला में 172 परिवारों को मिलेगा ‘सुखी परिवार योजना’ का लाभ, अगले महीने शुरू होगी योजना: CM सुक्खू

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मैहला (चंबा)

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ का शुभारम्भ अगले महीने किया जाएगा। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। चंबा जिले के भरमौर विधानसभा क्षेत्र की मैहला ग्राम पंचायत के 172 परिवारों को योजना के लिए चिन्हित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने वीरवार शाम मैहला गांव में आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने गांव में रात्रि ठहराव किया और स्थानीय लोगों, महिला मंडलों तथा युवक मंडलों के साथ सीधा संवाद किया। ग्रामीणों ने उनके समक्ष विभिन्न समस्याएं और मांगें रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

पहली बार मुख्यमंत्री ने गांव के घर में किया रात्रि ठहराव

पारंपरिक पहाड़ी वेशभूषा और लोकधुनों के बीच ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। स्थानीय लोगों के लिए यह विशेष अवसर रहा, क्योंकि पहली बार प्रदेश का कोई मुख्यमंत्री इस दूरदराज क्षेत्र में रात्रि ठहराव के लिए पहुंचा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ समय बिताया और उनके द्वारा परोसे गए पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम गांवों में रात्रि ठहराव करने का उद्देश्य लोगों की वास्तविक समस्याओं और चुनौतियों को नजदीक से समझना है। ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों की शिकायतों का समाधान उनके क्षेत्र में ही हो सके।

उन्होंने कहा कि यह प्रदेश में एक नई पहल है, जिसके तहत मुख्यमंत्री सरकारी विश्राम गृहों तक सीमित रहने के बजाय गांव के आम परिवार के घर में रुककर लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं।

एक परिवार की तीन पात्र महिलाओं को भी मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के तहत 21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यदि किसी परिवार में तीन महिलाएं पात्रता की शर्तें पूरी करती हैं, तो तीनों को योजना का लाभ मिलेगा। मैहला पंचायत के 172 परिवारों को इस योजना के लिए चिन्हित किया गया है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि मैहला में आगामी शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई स्कूल शुरू किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे।

प्राकृतिक तरीके से उगाए जौ का समर्थन मूल्य 80 रुपये प्रति किलो

किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि और पशुपालन को लाभकारी बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष चंबा जिले की पांगी घाटी में प्राकृतिक तरीके से उगाए गए 107 क्विंटल जौ की खरीद 70 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की गई थी। अब इसका खरीद मूल्य बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, गाय के दूध का खरीद मूल्य 31 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति किलोग्राम और भैंस के दूध का मूल्य 46 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। इसके अलावा दूध उत्पादकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि गद्दी समुदाय के पशुपालकों और मांस उत्पादकों को बेहतर दाम दिलाने के उद्देश्य से भी सरकार नई योजना तैयार कर रही है।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए कहा कि अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं के कारण हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग करना पड़ा था। इन घटनाओं से योग्य युवाओं के अवसर प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं और संबंधित लोग अभी भी जेल में हैं।

उन्होंने दावा किया कि अब भर्ती प्रक्रिया को कंप्यूटरीकरण के माध्यम से अधिक पारदर्शी बनाया गया है। प्रदेश सरकार विभिन्न विभागों में खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभागों में भी अतिरिक्त पदों पर भर्ती जल्द की जाएगी।

कार्यक्रम में विधायक नीरज नैय्यर, कृषि उपज मंडी समिति चंबा के अध्यक्ष ललित ठाकुर और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।