हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। नौ दिन बीत जाने के बाद भी वेतन न मिलने पर HRTC चालक-परिचालक यूनियन ने सोमवार को भी दूसरे दिन पुराने बस अड्डा शिमला स्थित निगम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर रोष जताया।
यूनियन के अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार एचआरटीसी को चलाने में असमर्थ है तो इसे बंद कर दे, लेकिन कर्मचारियों को उनका हक—वेतन और लंबित वित्तीय लाभ—समय पर दे।
उन्होंने बताया कि निगम की कार्यशालाओं में न तो कलपुर्जे हैं न ही पर्याप्त मैकेनिक। इसके बावजूद प्रबंधन खराब बसों को रूट पर भेजने का दबाव बना रहा है।
उन्होंने कहा कि जब बसें बीच रास्ते खराब हो जाती हैं तो जनता चालक-परिचालकों से मारपीट तक कर देती है, जिसका पूरा बोझ कर्मचारियों को झेलना पड़ता है।
मानसिंह ठाकुर ने साफ कहा कि अब कर्मचारियों का सब्र टूट रहा है।
यूनियन का अल्टीमेटम:
यदि 24 दिसंबर तक वेतन और अन्य लंबित वित्तीय लाभ जारी नहीं किए गए तो यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएगी और सारी बसें खड़ी कर दी जाएंगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि स्थिति संभालना सरकार के हाथ में है, वरना प्रदेशभर में परिवहन सेवाएं ठप हो सकती हैं।