शिमला,
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में रोजगार, स्वास्थ्य, किसानों, कर्मचारियों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में हजारों पद भरने, किसानों को राहत देने और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी।
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय भर्ती निदेशालय के तहत 400 वर्क इंस्पेक्टर पदों के सृजन और भर्ती को लेकर लिया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 300 चिकित्सा अधिकारियों, 200 स्टाफ नर्सों, 250 मल्टी टास्क वर्करों, 76 ऑपरेशन थिएटर सहायकों, 36 रेडियोग्राफरों और 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 के पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई। विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 सहायक प्रोफेसरों के पद भी भरे जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने करुणामूलक नियुक्ति के उन मामलों की दोबारा समीक्षा करने का फैसला लिया, जिन्हें पहले विभिन्न कारणों से अस्वीकृत कर दिया गया था। एकमुश्त विशेष उपाय के तहत पात्र मामलों को राहत देने के लिए आवश्यक छूट भी प्रदान की जाएगी।
किसानों को राहत देते हुए सरकार ने कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत भूमि नीलामी के खतरे का सामना कर रहे पात्र किसानों के तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज का 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना से प्रदेश के 6,356 किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकारी भूमि पर आवासीय, कृषि और बागवानी उद्देश्यों के लिए वर्षों से रह रहे भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों को राहत देने के लिए नियमितीकरण नीति-2026 को भी मंजूरी दी गई है। यह नीति सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है।
कर्मचारियों के हित में मंत्रिमंडल ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का फैसला लिया है। वहीं 31 मार्च 2026 तक सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा। जॉब ट्रेनीज को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने का निर्णय भी लिया गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए मंत्रिमंडल ने हिम केयर योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कवर को बढ़ाने का निर्णय लिया। अब पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये के स्थान पर सात लाख और दस लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा।
बैठक में पूर्व कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर द्वारा जारी 80 पोस्ट कोड के विज्ञापन वापस लेने तथा अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क लौटाने की मंजूरी भी दी गई।
इसके अलावा राज्य सरकार ने चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती को विनियमित करने के लिए हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। वहीं राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चौथे चरण को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत और डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
मंत्रिमंडल ने सरकाघाट नागरिक अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 बिस्तर करने, बद्दी अस्पताल को 200 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाने, नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने और विभिन्न मेलों को राज्य तथा जिला स्तरीय दर्जा देने सहित कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए।