लाहौल–स्पीति, हिमाचल प्रदेश
भारत के प्रसिद्ध पर्वतारोही और व्हाइट एक्सपेडिशन के संस्थापक रिकी माउंटेनियर ने इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर लिया है। रिकी ने माउंट यूनाम (6111 मीटर) का पहला विंटर सोलो असेंट कर नया माइलस्टोन बनाया है — वह भी कड़ाके की –22°C ठंड में, और अब तक के सबसे तेज़ समय में।
रिकॉर्ड चढ़ाई— सिर्फ 6 घंटे में बेस-टू-बेस
- रिकी ने भारतपुर बेस (4800m) से चढ़ाई शुरू की।
- केवल 4 घंटे में शिखर पर पहुंच गए।
- कुल बेस-टू-बेस समय: 6 घंटे।
- सबसे खास बात— पूरा मनाली से मनाली मिशन एक ही दिन में पूरा किया।
सर्दियों में 6000 मीटर की ऊँचाई पर चढ़ाई करना अत्यंत खतरनाक माना जाता है— अनिश्चित बर्फ, –22°C तापमान, तेज हवाएँ और हाई-एल्टीट्यूड रिस्क हर कदम पर खतरा बढ़ाते हैं। इसके बावजूद रिकी ने बिना किसी हाई कैंप के, पूरी चढ़ाई पूरी तरह अकेले (Solo) पूरी की।
भारत में पर्वतारोहण को बढ़ावा देने का अभियान
रिकी माउंटेनियर लंबे समय से भारत में पर्वतारोहण को बढ़ावा देने के मिशन पर काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि सही तैयारी, कड़े प्रशिक्षण और सुरक्षा को प्राथमिकता देकर भारत के युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बना सकते हैं।
जिम्मेदार Winter Climbing का संदेश
रिकॉर्ड बनाना उनका लक्ष्य नहीं—
रिकी का असली उद्देश्य भारत में सुरक्षित, जिम्मेदार और प्रोफेशनल विंटर क्लाइंबिंग की संस्कृति विकसित करना है। वह युवाओं को सिखाना चाहते हैं कि सही गियर, सही निर्णय-क्षमता और अनुशासन के साथ कठिन से कठिन पर्वतारोहण संभव है।
अगला मिशन: 6×6000m Winter Ascent
इस उपलब्धि के बाद रिकी ने अपना अगला बड़ा लक्ष्य घोषित किया है—
6×6000m Winter Ascent Mission, यानी लगातार 6 अलग-अलग 6000-मीटर चोटियों को विंटर सीज़न में फतह करना।
यह भारत में अपनी तरह का पहला और सबसे चुनौतीपूर्ण मिशन होगा।
रिकी का संदेश
“मैं सिर्फ रिकॉर्ड नहीं बनाना चाहता… मैं चाहता हूँ कि भारत में पर्वतारोहण का स्तर ऊपर उठे। युवा समझें कि पहाड़ डराते नहीं— सही तरीके से सीखा जाए तो पहाड़ इंसान को मजबूत बनाते हैं।”
व्हाइट एक्सपेडिशन ने इसे “भारतीय पर्वतारोहण के लिए प्रेरणादायक और रिकॉर्ड-ब्रेकिंग कदम” बताया है।