बैजनाथ,
आयुष विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा बैजनाथ उपमंडल के तहत उतराला (ग्राम पंचायत माधोनगर) में राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत “स्वस्थ ग्राम–समृद्ध ग्राम” कार्यक्रम एवं आयुष मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किशोरी लाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
इस अवसर पर आयुष विभाग ने ग्रामीणों को आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया।
आयुष पद्धति से स्वस्थ जीवनशैली पर जोर
मुख्य अतिथि विधायक किशोरी लाल ने कहा कि आयुष पद्धति भारत की प्राचीन और समृद्ध चिकित्सा प्रणाली है, जो न केवल बीमारियों के उपचार में सहायक है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करती है। उन्होंने लोगों से आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
जागरूकता सत्र और स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान कई जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिनमें शामिल रहे:
- एंटी-नेटल और पोस्ट-नेटल देखभाल
- गर्भ संस्कार एवं स्वर्ण प्राशन
- आयुर्वेदिक आहार और घरेलू उपचार
- योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा
- संक्रामक रोगों से बचाव
इसके साथ ही निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें ब्लड प्रेशर, शुगर, आंख, कान, नाक, हीमोग्लोबिन और बाल रोग से संबंधित जांचें की गईं और जरूरतमंदों को मुफ्त दवाइयां भी वितरित की गईं।
आयुष मेले में जड़ी-बूटियों की प्रदर्शनी
आयुष मेले में औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों की प्रदर्शनी लगाई गई, जहां उनके उपयोग और संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान विधायक ने “आयुर्वेद संक्षिप्त परिचय” पत्रिका का विमोचन किया और लोगों को औषधीय पौधे वितरित कर घरों में इन्हें लगाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में एसडीएएमओ बैजनाथ डॉ. सुनील कुमार, डॉ. मनमीत, डॉ. सुभीता जग्गी सहित अन्य चिकित्सक, आयुष विभाग के कर्मचारी और क्षेत्र के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।