शिमला,
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विकास कार्यों को तेज करने के लिए सरकार नवोन्मेषी कदम उठा रही है। लोक निर्माण और शहरी विकास विभाग के तहत सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
केंद्र से मिली बड़ी मंजूरी
मंत्री ने बताया कि उन्होंने हाल ही में नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रदेश के मुद्दे उठाए, जिन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों में से 366 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। यह स्वीकृति ‘राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना 2025-26’ के तहत मिली है, जिससे शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।
शिमला और हमीरपुर में बड़े प्रोजेक्ट
शिमला की सब्जी मंडी के पुनर्विकास के लिए 140 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। यहां आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीलेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, होटल और मल्टीस्क्रीन जैसी सुविधाएं विकसित होंगी।
वहीं हमीरपुर के पुराने एचआरटीसी बस स्टैंड के पुनर्विकास के लिए 80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जहां आधुनिक सिटी सेंटर बनाया जाएगा।
इसके अलावा धर्मशाला में नेबरहुड इम्प्रूवमेंट प्लान के तहत 20 करोड़ रुपये की परियोजना को भी स्वीकृति मिली है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 1500 KM सड़क निर्माण
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत प्रदेश में 1500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिस पर 2300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 15 अप्रैल से काम शुरू होगा।
भूमि उपलब्धता बनी सबसे बड़ी चुनौती
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विकास कार्यों में सबसे बड़ी बाधा भूमि उपलब्धता है। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार के पास बजट की कमी नहीं है, लेकिन जमीन मिलना जरूरी है।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। खराब काम करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।