शिमला,
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) Naresh Chauhan ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईंधन बचाने, विदेशी यात्राएं कम करने और सोने की खरीद पर संयम बरतने की अपील संभावित आर्थिक संकट की ओर संकेत करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट करनी चाहिए।
नरेश चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति और कर्मचारियों के वेतन को लेकर दिया गया बयान तथ्यों से परे है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और कर्मचारियों को वेतन देने में किसी प्रकार की समस्या नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में हिमाचल प्रदेश की चिंता करती है तो राज्य को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाना चाहिए और बंद की गई राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) सहायता को बहाल किया जाना चाहिए।
Naresh Chauhan ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू कर 1.36 लाख कर्मचारियों को राहत दी है। साथ ही महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता देने की योजना भी चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है।
नगर निगम चुनावों को लेकर उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के चारों नगर निगमों में कांग्रेस को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने मंडी से चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर दिया है और आगामी दिनों में पालमपुर, धर्मशाला और सोलन में भी प्रचार करेंगे।
शिक्षा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम लागू करना और करीब 150 स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ना सरकार के बड़े फैसले हैं, जिनका लाभ विद्यार्थियों को भविष्य में मिलेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में उन्होंने कहा कि 1750 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के माध्यम से आधुनिक मशीनों और एडवांस तकनीक को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक एमआरआई तकनीक जैसी सुविधाओं को भी तेजी से विस्तार दिया जा रहा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दूध खरीद मूल्य में 20 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों और विशेषकर महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।
भाजपा पर निशाना साधते हुए नरेश चौहान ने कहा कि विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं है और भाजपा केवल भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
नीट पेपर लीक मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में सख्त और प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।