सोलन,
सोलन जिले के कसौली विधानसभा क्षेत्र के नेरी कलां में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने जोहड़जी-मल्ला सड़क के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 20 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि के तहत 1500 रुपये पेंशन, प्राथा विद्यालय को सीबीएसई से संबद्ध करने, जोगिंद्रा सहकारी बैंक की शाखा खोलने और चाटी ढांक में बांध निर्माण के लिए सर्वेक्षण करवाने की भी घोषणा की।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप हिमाचल को बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ के 211 मेगावाट बिजली मिलेगी और प्रदेश को हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये का लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 150 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। इसके अलावा प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की 50 रुपये और गेहूं 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है, जबकि गाय और भैंस के दूध के लिए भी बेहतर समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 150 सीबीएसई स्कूल शुरू किए गए हैं और जुलाई माह तक इनमें और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 7,000 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जिससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो महीनों के भीतर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड लैब स्थापित कर दी जाएंगी। इसके अलावा आईजीएमसी शिमला, चमियाना, नेरचौक और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो चुकी है, जिसका लाभ लगभग 200 मरीज उठा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल के लोगों को राज्य के भीतर ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इसके लिए आधुनिक मशीनें, गुणवत्तापूर्ण दवाएं और बेहतर स्वास्थ्य अवसंरचना विकसित की जा रही है।