शिमला,
हिमाचल प्रदेश सरकार ग्रीन पंचायत योजना के माध्यम से पंचायतों को सौर ऊर्जा के जरिए आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने हिम ऊर्जा के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में योजना की प्रगति का जायजा लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि हिम ऊर्जा द्वारा चयनित 24 पंचायतों में से अब तक चार पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों से बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है। इनमें सोलन की ममलीग, सिरमौर की पाशमी तथा शिमला की पराली और धरेच पंचायतें शामिल हैं।
केवल सिंह पठानिया ने बताया कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की परगोड़ पंचायत में भी परियोजना का कार्य पूरा हो चुका है। ग्रिड कनेक्टिविटी की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जुलाई के पहले सप्ताह से वहां भी बिजली उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक 500 किलोवाट क्षमता वाले संयंत्र से सालाना करीब 8 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे लगभग 28 लाख रुपये की वार्षिक आय होने का अनुमान है। इस आय का 25 प्रतिशत संबंधित पंचायत, 25 प्रतिशत अनाथ एवं विधवाओं के कल्याण, 20 प्रतिशत प्रदेश सरकार, 10 प्रतिशत हिम ऊर्जा तथा शेष 20 प्रतिशत परियोजना के संचालन एवं रखरखाव पर खर्च किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रीन पंचायत योजना के तहत ई-व्हीकल चार्जिंग अवसंरचना भी विकसित की जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। यह योजना पर्यावरण संरक्षण, पंचायतों की आय बढ़ाने, स्थानीय रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।