शिमला,
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने लोक भवन में गोविंद सागर एडवेंचर एंड वाटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान ‘चलो हिमाचल’ अभियान का पोस्टर जारी किया। इस अभियान का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के प्रमुख जलाशयों और झीलों में साहसिक पर्यटन (एडवेंचर टूरिज्म) और वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने एसोसिएशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश को एडवेंचर टूरिज्म और ईको-टूरिज्म के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है और ऐसी पहलें न केवल अधिक पर्यटकों को आकर्षित करेंगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल को देश और विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद बनाने के लिए सरकार, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संगठनों और अन्य हितधारकों को मिलकर कार्य करना होगा।
एसोसिएशन के संस्थापक सदस्य ईशान अख्तर ने राज्यपाल को ‘चलो बिलासपुर, चलो हिमाचल’ अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बिलासपुर की गोविंद सागर झील और कोल डैम, कांगड़ा के पौंग डैम तथा चंबा के चमेरा डैम में विभिन्न साहसिक खेल गतिविधियों के आयोजन का प्रस्ताव है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित आयोजनों में वॉटर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप, पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिताएं, कार एवं मोटरसाइकिल रेसिंग चैंपियनशिप तथा बिलासपुर से भाखड़ा बांध तक लगभग 50 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय ओपन वाटर स्विमिंग चैंपियनशिप शामिल हैं।
एसोसिएशन का मानना है कि इन आयोजनों से हिमाचल प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष सराज अख्तर, संस्थापक सदस्य ईशान अख्तर, बिलाल अहमद शाह, हेमराज ठाकुर, अधिवक्ता इमरान खान, पवन शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।