धर्मशाला,
देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ विजिलेंस द्वारा दर्ज मामले को लेकर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि होशियार सिंह के खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक द्वेष और प्रतिशोध की भावना से प्रेरित है। सुधीर शर्मा ने दावा किया कि सरकार विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने के लिए जांच एजेंसियों का कथित रूप से दुरुपयोग कर रही है।
जारी प्रेस बयान में सुधीर शर्मा ने कहा कि विधायक ऐच्छिक निधि का उपयोग जनहित के कार्यों और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए किया जाता है तथा प्रदेश के विधायक लंबे समय से इसी प्रक्रिया के तहत राशि जारी करते रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में होशियार सिंह के खिलाफ दर्ज मामले की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक द्वारा चुनाव के दौरान देहरा, हमीरपुर और धर्मशाला क्षेत्रों के महिला मंडलों को वितरित की गई राशि को लेकर उठे विवाद के कारण प्रदेश सरकार दबाव में है। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है।
सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक बताया।
देहरा विधायक से जुड़ी शिकायत का भी उठाया मुद्दा
सुधीर शर्मा ने दावा किया कि पूर्व विधायक होशियार सिंह की ओर से देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करवाई गई है, जिसकी जांच चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मामले से लोगों का ध्यान हटाने और राजनीतिक नुकसान से बचने के उद्देश्य से होशियार सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
भाजपा विधायक ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले को जनता के बीच ले जाएगी और प्रदेश सरकार पर लगाए जा रहे राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों को लेकर आवाज उठाएगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखा जाना चाहिए।
कांग्रेस सरकार पर विकास कार्य रोकने का आरोप
सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर प्रदेश में विकास कार्यों की गति धीमी करने और पिछली सरकार की कई योजनाओं को बंद करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के नारे के साथ सत्ता में आई सरकार के कार्यकाल में प्रदेश व्यवस्था पतन की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने बैजनाथ आईटीआई भवन का उदाहरण देते हुए दावा किया कि भुगतान नहीं होने के कारण संबंधित ठेकेदार को भवन पर ताला लगाने की स्थिति का सामना करना पड़ा। सुधीर शर्मा ने कहा कि यह स्थिति सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर विकास कार्यों को गति देने तथा जांच एजेंसियों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
नोट: यह खबर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा द्वारा जारी प्रेस बयान और उनके आरोपों पर आधारित है। मामले में प्रदेश सरकार या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।