पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति का सरकार पर हमला, कहा- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

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शिमला,

हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार पर पेंशनर्स की मांगों को लेकर बार-बार आश्वासन देने और उन्हें गुमराह करने का आरोप लगाया है। समिति के चेयरमैन सुरेश ठाकुर, महासचिव इंदर पाल शर्मा और अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने शिमला से जारी संयुक्त बयान में कहा कि पेंशनर्स के मुद्दों को लेकर सरकार की मौजूदा कार्यप्रणाली से उनमें नाराजगी बढ़ रही है।

पेंशनर्स नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने सचिवालय में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के साथ बैठक कर पेंशनर्स को अलग-अलग समूहों में बांटने का प्रयास किया। समिति ने कहा कि पेंशनर्स इस तरह की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेंगे।

43 हजार पेंशनर्स को वित्तीय लाभ न मिलने का दावा

समिति के नेताओं ने दावा किया कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए करीब 43 हजार पेंशनर्स संशोधित वित्तीय लाभों से वंचित हैं। उनके अनुसार इनमें लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, पे एरियर और पेंशन एरियर जैसे भुगतान शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इन लंबित देनदारियों के कारण संबंधित पेंशनर्स लंबे समय से सरकार से भुगतान की मांग कर रहे हैं।

15 प्रतिशत डीए की मांग को लेकर भी नाराजगी

पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा कि प्रदेश के करीब 5 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) की प्रतीक्षा कर रहे हैं। समिति के अनुसार इस मांग को लेकर पेंशनर्स को बार-बार धरना, प्रदर्शन और रैलियों का सहारा लेना पड़ रहा है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से एरियर को लेकर की जा रही घोषणाओं से भी पेंशनर्स की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने प्रस्तावित 15 प्रतिशत और 30 प्रतिशत पेंशन एरियर संबंधी अधिसूचना को लेकर भी आपत्ति जताई और कहा कि इससे पेंशनर्स के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

जनजागरण अभियान शुरू करने की चेतावनी

समिति नेताओं ने सरकार से पेंशनर्स के धैर्य की परीक्षा नहीं लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ ब्लॉक और जिला स्तर पर जनजागरण अभियान शुरू किया जाएगा और पेंशनर्स की मांगों एवं लंबित देनदारियों की स्थिति आम लोगों के सामने रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि पेंशनर्स संगठित हैं और अपनी मांगों के समाधान तक पीछे नहीं हटेंगे। समिति ने स्पष्ट किया कि लंबित देनदारियों के भुगतान तक सरकार के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा।

‘फूट डालो और शासन करो’ की नीति स्वीकार नहीं

पेंशनर्स नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कुछ स्वयंभू नेताओं को प्राथमिकता देकर पेंशनर्स के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स किसी भी प्रकार की कथित विभाजनकारी रणनीति को सफल नहीं होने देंगे।

समिति ने कहा कि पेंशनर्स की सभी लंबित देनदारियों का भुगतान होने तक संघर्ष जारी रखा जाएगा। नेताओं ने यह भी कहा कि आंदोलन को आगे और व्यापक स्तर पर ले जाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

प्रेस वार्ता में ये पदाधिकारी रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गंगा राम शर्मा, उपाध्यक्ष बुद्धि राम जस्टा, मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी, प्रेस सचिव लायक राम शर्मा, संयोजक मोहन ठाकुर, मदन शर्मा, दीप राम शर्मा, गुलाब ठाकुर, नीलम चौहान, यशपाल ठाकुर और रमेश ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।