सुन्दरनगर (मंडी),
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि दिव्यांगजनों को दया या सहानुभूति का पात्र समझने के बजाय उन्हें अपनी क्षमताओं को साबित करने के लिए समान अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। समावेशी समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले।
राज्यपाल रविवार को सुन्दरनगर में स्पेशल ओलंपिक्स भारत, हिमाचल प्रदेश की ओर से आयोजित ‘दीपावली उत्सव-2026: विशेष बच्चों की क्षमताओं का उत्सव’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हिमाचल प्रदेश के विशेष खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिमाचल के विशेष खिलाड़ियों की उपलब्धियां पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व की बात हैं। इन खिलाड़ियों ने अपने दृढ़ संकल्प, मेहनत और प्रतिभा से यह साबित किया है कि उचित अवसर और सहयोग मिलने पर वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
विशेष खिलाड़ियों की उपलब्धियां प्रदेश के लिए गौरव
इटली के ट्यूरिन में आयोजित वर्ल्ड विंटर गेम्स में हिमाचल के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए राज्यपाल ने पदक विजेता शालिनी, अनिल कुमार, आकृति, गिरिधर और हेमचंद को बधाई दी। उन्होंने शिवांजलि और शुभम के प्रदर्शन की भी प्रशंसा की।
उन्होंने बताया कि वर्ल्ड विंटर गेम्स में हिमाचल के 7 खिलाड़ियों और 4 प्रशिक्षकों को भाग लेने का अवसर मिला। खिलाड़ियों की तैयारी में एनएचपीसी, बीबीएमबी, विभिन्न संस्थानों, प्रशिक्षकों और परिवारों के योगदान को भी उन्होंने सराहा।
राज्यपाल ने कहा कि स्पेशल ओलंपिक्स जैसे मंच विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर देते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में समावेशी विकास और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी को दी जा रही प्राथमिकता का भी उल्लेख किया।
खिलाड़ियों को सम्मान देने की सरकारी पहल का जिक्र
कविन्द्र गुप्ता ने वर्ष 2015 में विशेष ओलंपिक पदक विजेताओं को केंद्र सरकार की नकद पुरस्कार योजना में शामिल किए जाने के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में योजना में किए गए संशोधन से भी दिव्यांग खिलाड़ियों की उपलब्धियों को पहचान और प्रोत्साहन देने की प्रतिबद्धता जाहिर होती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण है कि दिव्यांगजनों को सहानुभूति के बजाय समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। इसके लिए परिवारों, शिक्षण संस्थानों और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को मिलकर काम करना होगा।
वोकल फॉर लोकल के तहत विशेष बच्चों के उत्पाद खरीदने की अपील
कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनियों का राज्यपाल ने अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित गतिविधियों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने लोगों से विशेष बच्चों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को खरीदने और उनका उत्साह बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इन बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। साथ ही, ऐसे प्रयास उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।
राज्यपाल ने चेतना संस्था, साकार स्पेशल स्कूल, सहयोग स्पेशल स्कूल, सीआरसी और अन्य संस्थानों के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने स्पेशल ओलंपिक्स भारत के संदेश ‘ईच वन-रीच वन’ का उल्लेख करते हुए समावेशिता के इस अभियान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
वर्ल्ड गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने जीते 235 पदक
स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्ष डॉ. मलिका नड्डा ने कहा कि संस्था ‘इन्क्लूजन रिवोल्यूशन’ अभियान के माध्यम से बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काम कर रही है। खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी पहलों के जरिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को अपनी प्रतिभा सामने लाने के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भारतीय खिलाड़ियों ने वर्ष 2023 में बर्लिन में आयोजित वर्ल्ड समर गेम्स में 202 पदक हासिल किए थे। वहीं, वर्ष 2025 में इटली में हुए वर्ल्ड विंटर गेम्स में भारतीय दल ने 33 पदक जीते।
डॉ. नड्डा के अनुसार, भारतीय दल के 30 खिलाड़ियों में से 15 हिमाचल प्रदेश के थे। प्रदेश के इन खिलाड़ियों ने कुल 22 पदक जीतकर देश और हिमाचल का नाम रोशन किया। उन्होंने 28 खिलाड़ियों को कुल 2.56 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान करने के लिए युवा मामले एवं खेल मंत्रालय का आभार जताया। साथ ही, खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सुलभ और आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया।
बीबीएमबी के योगदान की भी सराहना
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी ने बोर्ड की गतिविधियों, प्रदेश के विकास में उसके योगदान और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। स्पेशल ओलंपिक्स भारत के जिला मंडी चैप्टर के अध्यक्ष जगदीश राणा ने राज्यपाल का स्वागत किया और आयोजन के उद्देश्य से अवगत करवाया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने खिलाड़ियों, अभिभावकों, शिक्षकों, प्रशिक्षकों और आयोजकों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जहां हर व्यक्ति को सम्मान, समान अवसर और अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने की स्वतंत्रता मिले।
कार्यक्रम में उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन, बीबीएमबी और जिला प्रशासन के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।