भंजराड़ू (चंबा),
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 60.67 करोड़ रुपये की 9 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। भंजराड़ू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सड़क, पेयजल और लोक निर्माण विभाग से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के लोगों को समर्पित कीं।
मुख्यमंत्री ने 2.84 करोड़ रुपये की लागत से तैयार लोक निर्माण विभाग के तीसा मंडल कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इसके अलावा 25.51 करोड़ रुपये की लागत से कियाणी-राजनगर-चकलू-कोटी सड़क के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया।
पेयजल योजनाओं से गांवों को मिलेगा लाभ
चुराह क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें 2.35 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत सत्यास को राणिकोट नाला से पेयजल उपलब्ध करवाने की योजना शामिल है।
इसी तरह 1.68 करोड़ रुपये से ग्राम पंचायत करेर और चरौड़ी की विभिन्न पेयजल योजनाओं का पुनर्गठन एवं संवर्धन किया गया है। ग्राम पंचायत भंजराड़ू और खुशनगरी के गांव फुलतवास, सतलोग-प्रथम व द्वितीय तथा खुशनगरी की पेयजल योजना के लिए 4.58 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त जल स्रोत उपलब्ध करवाने से जुड़ा कार्य भी लोकार्पित किया गया।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत घुलेई के अंतर्गत विभिन्न पेयजल योजनाओं के सुधार और संवर्धन कार्यों का भी उद्घाटन किया। इस परियोजना पर 2.85 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
तीन संपर्क सड़कों की रखी आधारशिला
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर बनाने के लिए तीन नई परियोजनाओं की आधारशिलाएं भी रखीं। इनमें 8.27 करोड़ रुपये की लागत से गांव कैहला के लिए संपर्क सड़क, 5.64 करोड़ रुपये से गांव टिकरी के लिए संपर्क सड़क और 6.94 करोड़ रुपये की लागत से डकाला से कुंडा तक सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं।
बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से चुराह क्षेत्र में आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं को मजबूती मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से लोगों और वाहनों की आवाजाही आसान होगी तथा क्षेत्र का सड़क नेटवर्क अधिक सुदृढ़ बनेगा।
उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं के माध्यम से संबंधित गांवों के लोगों को स्वच्छ और नियमित पानी उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास कार्यों का लाभ ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचे।